सोहराब आलम, मोतिहारी। सुगौली में भाकपा-माले (CPI-ML) कार्यकर्ताओं ने देशव्यापी विरोध सप्ताह के तहत एक उग्र प्रतिरोध मार्च निकाला। यह प्रदर्शन चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और ‘वोट चोरी’ के गंभीर आरोपों को लेकर आयोजित किया गया था। इस आंदोलन ने स्थानीय स्तर पर राजनीतिक सरगर्मी को काफी तेज कर दिया है।
अंबेडकर चौक से निकला विरोध मार्च और पुतला दहन
कार्यक्रम की शुरुआत सुगौली के अंबेडकर चौक से हुई, जहां बड़ी संख्या में माले कार्यकर्ता एकत्र हुए। यहां से एक आक्रोशपूर्ण प्रतिरोध मार्च निकाला गया, जो शहर के मुख्य मार्गों देवान चौक और आजाद चौक से गुजरते हुए वापस अंबेडकर चौक पर समाप्त हुआ।
मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के अंत में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया गया, जो चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के प्रति पार्टी के कड़े रोष को दर्शाता है।
प्रमुख नेताओं की तीखी मांगें और आरोप
सभा को संबोधित करते हुए माले जिला कमेटी के सदस्य मोहम्मद इशराफिल और ताराचन्द्र भगत ने चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को तत्काल बर्खास्त करने और गिरफ्तार करने की मांग की।
नेताओं ने मुख्य रूप से दो बड़ी मांगें रखीं:
- चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति करने वाली चयन समिति में देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को दोबारा शामिल किया जाए।
- एसआईआर (SIR) के बाद बिहार और पश्चिम बंगाल में संपन्न हुए चुनावों को पूरी तरह से रद्द किया जाए।
उन्होंने तर्क दिया कि निष्पक्ष और पारदर्शी लोकतंत्र के लिए चुनाव आयोग की स्वायत्तता का बचना बेहद जरूरी है।
जनसमस्याओं और बुनियादी मुद्दों पर जोर
कार्यक्रम के दौरान कॉमरेड भोला राम ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कथित वोट चोरी के खिलाफ आम जनता से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने केवल चुनावी मुद्दों तक सीमित न रहकर, देश के आम नागरिकों की बुनियादी समस्याओं को भी पुरजोर तरीके से उठाया।
उनके भाषण के केंद्र में यह बिंदु रहे:
- प्रवासी मजदूर और युवा: देश के विभिन्न हिस्सों में काम कर रहे प्रवासी मजदूरों के अधिकार तथा छात्रों और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर।
- महंगाई और आर्थिक संकट: आसमान छूती महंगाई, जिससे आम आदमी का जीना मुहाल हो गया है।
- बुलडोजर कार्रवाई: गरीबों के आशियानों पर चलाई जा रही बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ तीखा विरोध।
इस विरोध प्रदर्शन में मोतिहारी के सुगौली क्षेत्र के कई स्थानीय नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता पूरी ऊर्जा के साथ शामिल रहे। यह कार्यक्रम आने वाले दिनों में और बड़े आंदोलनों की रूपरेखा तय कर सकता है।

