कुंदन कुमार, पटना। क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने, बैंक के रिवॉर्ड प्वाइंट दिलाने और बिजली बिल अपडेट कराने के नाम पर लोगों को जाल में फंसाकर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पटना साइबर थाने की पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है।

तकनीकी जांच में इनके साइबर अपराध का नेटवर्क बिहार से बाहर कई राज्यों तक फैला होने के साक्ष्य मिले हैं। एनसीआरपी पर इनके खिलाफ करोड़ों रुपये की ठगी से जुड़ी कई शिकायतें भी दर्ज मिली हैं। पुलिस अब इन शिकायतों का आपस में कनेक्शन खंगाल रही है।

अलग-अलग राज्यों में करते थे साइबर ठगी


गिरफ्तार आरोपितों के पास से कई मोबाइल फोन, चेकबुक और अन्य सामान बरामद किये गये हैं। पुलिस की तकनीकी टीम ने जब इनके मोबाइल और डिजिटल संसाधनों को खंगाला तो अलग-अलग राज्यों में साइबर ठगी से जुड़े कई अहम साक्ष्य मिले। जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य ठगी के लिए एक ही तरीके पर निर्भर नहीं थे। अलग-अलग बहाने बनाकर लोगों को निशाना बनाया जाता था।

क्रेडिट लिमिट और बिजली बिल अपडेट के नाम पर ठगी

गिरोह के सदस्य कभी एक्सिस बैंक के क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा देते थे तो कभी बैंक खाते के रिवॉर्ड प्वाइंट का लाभ दिलाने के नाम पर संपर्क करते थे। बिजली बिल अपडेट कराने के नाम पर भी लोगों को झांसे में लिया जाता था। बातचीत के दौरान पीड़ितों से बैंकिंग और निजी जानकारी हासिल कर ठगी की जाती थी। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इन आरोपितों तक लोगों का डेटा कैसे पहुंचता था और ठगी की रकम किन-किन खातों में ट्रांसफर होती थी।

एनसीआरपी शिकायतों से खुला अंतरराज्यीय कनेक्शन

गिरफ्तार आरोपितों के मोबाइल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच के साथ एनसीआरपी पर दर्ज शिकायतों का मिलान किया गया। इसमें कई राज्यों में साइबर ठगी से जुड़े मामले सामने आये हैं। शिकायतों में करोड़ों रुपये की रकम से जुड़े लेन-देन का भी पुलिस को पता चला है। इससे गिरोह के बड़े नेटवर्क से जुड़े होने का संकेत मिला है।

जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार चारों आरोपित इस नेटवर्क की पूरी कड़ी नहीं हैं। इनके साथ कई अन्य लोगों के जुड़े होने के संकेत मिले हैं। पुलिस अब मोबाइल नंबर, बैंक खाते, डिजिटल लेन-देन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के दूसरे सदस्यों तक पहुंचने में जुटी है।

BNS के तहत हुई कार्रवाई

गिरफ्तार आरोपितों में प्रतोष कुमार (26) शेखपुरा के बरबीघा थाना क्षेत्र का, गुड्डू कुमार नालंदा के हरनौत थाना क्षेत्र का, अंशु कुमार नालंदा के नूरसराय थाना क्षेत्र का और विक्की कुमार (31) पटना के कंकड़बाग थाना क्षेत्र का निवासी है। चारों के खिलाफ पटना साइबर थाना कांड संख्या 1269/26 दर्ज किया गया है। बीएनएस और आइटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की गयी है। सभी आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस बैंक खातों, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।

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