कुमार उत्तम, मुजफ्फरपुर। बिहार के दरभंगा जिले में जनाजा ले जाने के दौरान रास्ता रोके जाने के संवेदनशील मामले पर राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (NCM) ने कड़ा रुख अपनाया है। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आरक्षण मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हाजी परवेज सिद्दीकी की आधिकारिक शिकायत पर आयोग ने संज्ञान लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। मुजफ्फरपुर में एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने यह जानकारी साझा की।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा प्रकरण दरभंगा जिले के सोनकी थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले मेकना बेदा गांव का है। भारी बारिश और जलजमाव के बीच एक मुस्लिम व्यक्ति के निधन के बाद उनके जनाजे को कब्रिस्तान तक ले जाया जा रहा था। आरोप है कि वैकल्पिक मार्ग पर कुछ लोगों द्वारा रास्ता रोके जाने के कारण शोकसंतप्त परिजनों और ग्रामीणों को घुटनों तक भरे पानी, कीचड़ और विकट परिस्थितियों के बीच शव को कब्रिस्तान तक पहुंचाने के लिए मजबूर होना पड़ा। इस अमानवीय स्थिति ने पूरे इलाके में रोष पैदा कर दिया था।
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग में औपचारिक शिकायत
प्रसिद्ध मुस्लिम स्कॉलर और शिक्षाविद् हाजी मोहम्मद परवेज़ सिद्दीकी ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। आयोग ने इस शिकायत को पंजीकृत कर लिया है और इस पर जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हाजी सिद्दीकी ने आयोग से आग्रह किया है कि दरभंगा के जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) से इस घटना की विस्तृत रिपोर्ट तलब की जाए।
स्थायी और पक्के रास्ते की मांग
हाजी परवेज सिद्दीकी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मृतक की गरिमा और अंतिम संस्कार से जुड़े मानवीय अधिकारों के साथ खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मेकना बेदा गांव के कब्रिस्तान तक जाने के लिए जल्द से जल्द एक स्थायी, विवाद-मुक्त और ऑल-वेदर पक्के सरकारी रास्ते का निर्माण कराया जाए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर प्रशासनिक लापरवाही या किसी व्यक्ति का दोष पाया जाता है, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी पीड़ा न झेलनी पड़े।

