दरभंगा। केवटी थाना क्षेत्र में एक 48 वर्षीय व्यक्ति ने अपनी ही रिश्ते की दो साल की नातिन के साथ हैवानियत की वारदात को अंजाम दिया। आरोपी बच्ची को दुर्गा पूजा का मेला घुमाने और कुरकुरे खिलाने का झांसा देकर अपने साथ ले गया था। घटना के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मासूम को गंभीर हालत में इलाज के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (DMCH) में भर्ती कराया गया है।
मेला का लालच देकर आम के बगीचे में ले गया
जानकारी के मुताबिक, आरोपी की पहचान धोबीगामा गांव निवासी विष्णु देव सदाय (48) के रूप में हुई है। शनिवार शाम वह अपने ससुराल (जो उसके घर से लगभग 12 किलोमीटर दूर है) पहुंचा था। वहां उसने अपने साले के बेटे की दो साल की मासूम बेटी को गोद में लिया और करीब 3 किलोमीटर दूर मेला घुमाने व कुरकुरे दिलाने की बात कहकर घर से निकला। हालांकि, वह बच्ची को मेला ले जाने के बजाय घर से महज 200 मीटर दूर स्थित एक आम के बगीचे में ले गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया।
प्राइवेट पार्ट से ब्लीडिंग देख ग्रामीणों को हुआ शक
काफी समय बीत जाने के बाद भी जब मासूम वापस नहीं लौटी, तो परिजन चिंतित हो गए और उसकी खोजबीन शुरू कर दी। इसी दौरान आरोपी बच्ची को गोद में लिए लौटता दिखा। मासूम के प्राइवेट पार्ट से अत्यधिक खून बह रहा था और उसकी हालत नाजुक थी। यह नजारा देखते ही परिजनों और ग्रामीणों को अनहोनी की आशंका हुई। आक्रोशित ग्रामीणों ने तुरंत आरोपी को घेर लिया और सख्ती से पूछताछ शुरू कर दी।
झोलाछाप से इलाज कराने की कोशिश
वारदात के बाद आरोपी बच्ची की बिगड़ती स्थिति को छिपाने के लिए उसे देर रात करीब 5 किलोमीटर दूर मुहम्मदपुर बाजार ले गया, जहां उसने एक झोलाछाप डॉक्टर से बच्ची का इलाज कराने का प्रयास किया। हालांकि, बच्ची की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। लौटते समय ग्रामीणों ने उसे धर दबोचा और पुलिस को सूचना दी। केवटी थानाध्यक्ष राहुल कुमार पुलिस बल के साथ पहुंचे और शनिवार देर रात करीब 12 बजे आरोपी को हिरासत में ले लिया।
स्थिति खतरे से बाहर, स्पीडी ट्रायल से मिलेगी सजा
मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीण एसपी साक्षी कुमारी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। उन्होंने DMCH पहुंचकर बच्ची का हाल जाना। डॉक्टरों के अनुसार, बच्ची की स्थिति अब खतरे से बाहर है। एसपी ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आरोपी को सोमवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस मामले में स्पीडी ट्रायल चलाकर आरोपी को सख्त सजा दिलाएगी और पीड़ित परिवार को मुआवजा भी उपलब्ध कराया जाएगा।

