शिखिल ब्यौहार, भोपाल। राज्यसभा चुनाव में मिली करारी सीख के बाद कांग्रेस अब फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए पार्टी ने एक बेहद अनूठी और सतर्क रणनीति तैयार की है। चुनावी मैदान में भाजपा को घेरने के लिए कांग्रेस इस बार एक नहीं, बल्कि दो प्रत्याशियों के साथ पर्चा दाखिल करने जा रही है। पार्टी के रणनीतिकारों ने तय किया है कि मुख्य उम्मीदवार के साथ-साथ एक मजबूत ‘डमी कैंडिडेट’ का भी नामांकन जमा कराया जाएगा, ताकि ऐन वक्त पर किसी भी कानूनी या तकनीकी साजिश से बचा जा सके।
8 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी नजरें
दतिया सीट से कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द होने के कारण यह उपचुनाव हो रहा है। भारती के मामले में आगामी 8 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होनी है। कांग्रेस आलाकमान इस फैसले को लेकर बेहद आशान्वित है। यदि देश की सर्वोच्च अदालत से राजेंद्र भारती को राहत मिलती है, तो वे ही पार्टी के अधिकृत चेहरा होंगे। कोर्ट के इस पेंच के कारण ही कांग्रेस रणनीति के तहत अंतिम दिनों में अपने पत्ते खोलेगी।
आखिरी दिनों में होगा खुलासा
उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 13 जुलाई है, जबकि मतदान 30 जुलाई को होना है। कांग्रेस अंतिम दिनों में ही प्रत्याशी के नाम का आधिकारिक ऐलान करेगी और आखिरी दिन ही दोनों नामांकन जमा किए जाएंगे।
पत्नी शोभा भारती संभाल सकती हैं कमान
यदि सुप्रीम कोर्ट से राजेंद्र भारती को राहत नहीं मिलती है, तो कार्यकर्ताओं की भावना और क्षेत्रीय समीकरणों को देखते हुए उनकी पत्नी शोभा भारती को मैदान में उतारा जा सकता है। पार्टी इस स्थिति में मतदाताओं के बीच ‘सहानुभूति कार्ड’ खेलने की तैयारी में है। कांग्रेस इसे मुद्दा बनाएगी कि क्षेत्र की जनता पर जबरन उपचुनाव का बोझ लादा गया है।
डमी प्रत्याशी भी होगा ‘हैवीवेट’
राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन तकनीकी कारणों (लंबित प्रकरण की जानकारी न देने के आरोप) से निरस्त हो गया था। वैसी स्थिति दोबारा न बने, इसलिए इस बार आपत्ति-दावों और स्कूटनी (जांच) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही डमी प्रत्याशी का नाम वापस लिया जाएगा।पार्टी सूत्रों के मुताबिक, डमी कैंडिडेट के रूप में किसी कमजोर चेहरे के बजाय एक मजबूत जनाधार वाले नेता को आगे किया जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर वह मजबूती से चुनाव लड़ सके। इस रेस में सेंवढ़ा के पूर्व विधायक और दतिया राजपरिवार से जुड़े घनश्याम सिंह पहली पसंद बनकर उभरे हैं। इसके अलावा पाठ्यपुस्तक निगम के पूर्व अध्यक्ष अवधेश नायक और राजेंद्र भारती के पुत्र अनुज भारती के नामों पर भी गंभीरता से विचार चल रहा है।
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