देहरादून में करवाचौथ पर महिलाओं ने पतियों की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना के साथ निर्जला व्रत रखा और चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोला. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी शासकीय आवास पर पत्नी गीता धामी के साथ पारंपरिक रीति-रिवाजों से पर्व मनाया.
देहरादून. गुरुवार को करवाचौथ का पर्व पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया. इस अवसर पर सुहागिन महिलाओं ने पतियों की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए निर्जला व्रत रखा और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी अपनी पत्नी गीता धामी के साथ शासकीय आवास पर यह पर्व मनाया.
पारंपरिक रीति से पूजा
करवाचौथ के दिन महिलाओं ने सूर्योदय के साथ व्रत शुरू किया. सोलह श्रृंगार कर पारंपरिक परिधान पहने महिलाओं ने करवा माता, भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की पूजा की.
पूजा के दौरान बुजुर्ग महिलाओं ने सुहागिनों को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद दिया. शाम को चंद्रमा के दर्शन होने पर महिलाओं ने छलनी से चांद और अपने पति का चेहरा देखा, फिर चंद्रमा को अर्घ्य अर्पित किया. इसके बाद पतियों के हाथ से पानी पीकर व्रत का पारण किया.
सीएम धामी ने दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पत्नी गीता धामी के साथ शासकीय आवास पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार करवाचौथ मनाया. इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को पर्व की शुभकामनाएं दीं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि करवाचौथ भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों, आपसी विश्वास, प्रेम और समर्पण का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति के ऐसे पर्व पारिवारिक रिश्तों को मजबूत करने के साथ समाज में प्रेम, सद्भाव और परस्पर विश्वास बढ़ाते हैं.
मुख्यमंत्री ने ईश्वर से सभी परिवारों के सुख, समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की.

