दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे से माता वैष्णो देवी के लिए और गोल्डन टेंपल (अमृतसर) सड़क मार्ग से जाना अब आसान हो गया है। चिकनी और बेहतरीन सड़क पर अब यह रफ़्तार से फोर व्हीलर दौड़ने लगी है। इस रूट के शुरू होने से कम समय में लंबा सफर लोग तय कर पाएंगे। बड़ी बात यह है कि इस रास्ता से ऑटो और बाइक से जाने पर मनाही है।
पंजाब, हरियाणा और जम्मू कश्मीर को जोड़ने वाला ये एक्सप्रेस वे हरियाणा के हिस्से में शुरू हो गया है। एक्सप्रेसवे का पहला चरण शुरू हो गया है। एक्सप्रेसवे से लेकर कैथल जिले के पंजाब बॉर्डर तक के 135 किलोमीटर के हिस्से पर अब गाड़ियां दौड़ रही है। पंजाब में इस एक्सप्रेसवे की लंबाई लगभग 261 किलोमीटर है। दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के हरियाणा की तरफ 8 टोल बैरियर बनाए गए हैं। इसके कारण अब ट्रैफिक की समस्या से निजात मिल जाएगा।
आधुनिक डिवाइज का हुआ है उपयोग
आधुनिक डिजायन के साथ बनाया गया ये एक्सप्रेस वे कई मायनों में खास है। इस एक्सप्रेस वे पर केवल लाइट मोटर व्हीकल और हैवीमोटर व्हीकल ही चल सकते हैं। बाइक, ऑटो रिक्शा इस सड़क पर नहीं चल सकते। जगह जगह इसके लिए साइन बोर्ड भी लगाए गए हैं। एक्सप्रेस वे पर हरियाणा के हिस्से में सोनीपत, रोहतक और जींद को जोड़ने वाली कनैक्टिविटी का एक्सेस भी दिया गया है। फिलहाल 117 किलोमीटर के दायरे में सात टोल प्लाजा शुरू किए गए है।

बूथलैस टोल शुरू
आधुनिकता से तैयार हुए इस एक्सप्रेस वे में ट्रायल रन सफल रहने के बाद अब बूथलैस टोल सिस्टम भी शुरू हो गया है। इससे समय की बचत होगी। इस एक्सप्रेसवे की फोर लेन पर कारें 120 की स्पीड से दौड़ने लगी है। सड़के दोनों ओर सुरक्षा के लिए रेलिंग भी लगाई गई है जिससे कोई लावारिस पशु सड़क पर ना आए इसके लिएदिवार भी बनाई गई है। सड़क के डिवाइडर पर हरियाली के लिए पौधारोपण भी किया गया और पौधों में पानी देने के लिए फव्वारे लगाए गये हैं।
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