दिवाली से ठीक एक दिन पहले शनिवार को दिल्ली की हवा एक बार फिर बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई। राजधानी में तेजी से बढ़ते वायु प्रदूषण ने सरकार से लेकर पर्यावरण विशेषज्ञों तक की चिंता बढ़ा दी है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार सुबह 9 बजे दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 364 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। वहीं, स्विस ग्रुप IQAir की लाइव रैंकिंग के अनुसार, शनिवार सुबह दिल्ली दुनिया का सबसे प्रदूषित प्रमुख शहर रहा। दिवाली से पहले प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।

दिवाली से पहले बढ़ी प्रदूषण की चिंता

त्योहार से पहले दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में आई गिरावट ने स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ा दी हैं। खराब वायु गुणवत्ता का असर खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से परेशान लोगों पर पड़ सकता है। दिल्ली-NCR में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण के उपाय लागू किए गए हैं। इसके तहत निर्माण गतिविधियों, वाहनों और स्कूलों को लेकर कई प्रतिबंध लगाए गए हैं। पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए हाइब्रिड पढ़ाई की व्यवस्था भी लागू की गई है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, शनिवार सुबह 10 बजे दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 363 दर्ज किया गया, जो बहुत खराब श्रेणी में आता है। वहीं, स्विस वायु गुणवत्ता निगरानी संस्था IQAir की लाइव रैंकिंग में शनिवार सुबह 10:35 बजे दिल्ली दुनिया के प्रमुख प्रदूषित शहरों में पहले स्थान पर रही। IQAir के अमेरिकी AQI पैमाने पर दिल्ली की रीडिंग 581 दर्ज की गई, जबकि पाकिस्तान के लाहौर में यह 285 थी।

IQAir और CPCB के आंकड़ों में क्यों है अंतर?

दिल्ली के प्रदूषण को लेकर IQAir और CPCB के आंकड़ों में अंतर दिखाई दे रहा है। इसकी वजह दोनों संस्थाओं की मापन पद्धति और AQI का अलग-अलग पैमाना है। IQAir की रीडिंग हवा में मौजूद प्रदूषकों की मात्रा और अमेरिकी वायु गुणवत्ता सूचकांक के आधार पर तैयार होती है। वहीं, भारत का CPCB अपने अलग पैमाने और निर्धारित पद्धति से AQI की गणना करता है। इसलिए दोनों के आंकड़ों की सीधे तुलना करना सही नहीं होगा।

दिवाली पर पटाखों से बढ़ सकता है प्रदूषण

दिवाली के दौरान बड़े पैमाने पर पटाखे जलाए जाने से दिल्ली की हवा की गुणवत्ता और खराब होने की आशंका है। पहले से ही प्रदूषण की मार झेल रही राजधानी में आतिशबाजी के कारण हवा में सूक्ष्म कणों और अन्य प्रदूषकों की मात्रा बढ़ सकती है। प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए दिल्ली-NCR के स्कूलों में पांचवीं कक्षा तक हाइब्रिड पढ़ाई की व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत विद्यार्थियों को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पढ़ाई का विकल्प दिया गया है। इसके अलावा लोगों को वर्क फ्रॉम होम अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

दिवाली से पहले 8 साल में सबसे खराब हवा

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में आधिकारिक आंकड़ों के हवाले से बताया गया है कि शुक्रवार को दिल्ली की वायु गुणवत्ता पिछले आठ वर्षों में दिवाली से पहले की सबसे खराब स्थिति में दर्ज की गई। इससे त्योहार के दौरान प्रदूषण बढ़ने की आशंका और गहरा गई है।

सर्दियों में क्यों बढ़ जाता है दिल्ली-NCR का प्रदूषण?

उत्तर भारत में सर्दियों की शुरुआत के साथ ही वायु प्रदूषण एक बड़ी मौसमी समस्या बन जाता है। इस दौरान ठंडी और भारी हवा के कारण प्रदूषक वातावरण में लंबे समय तक फंसे रहते हैं और आसानी से फैल नहीं पाते। वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल और आसपास के राज्यों में फसल अवशेष जलाने से पैदा होने वाला धुआं प्रदूषण को और बढ़ाता है। हवा की रफ्तार कम होने पर इन प्रदूषकों का असर अधिक समय तक बना रहता है।

दिल्ली-NCR में GRAP-3 की पाबंदियां लागू, पुराने वाहनों पर लगा प्रतिबंध

दिल्ली-NCR में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण की पाबंदियां लागू कर दी हैं। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने शुक्रवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि GRAP-3 लागू होने के साथ ही पुराने उत्सर्जन मानकों वाले वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके तहत BS-IV और इससे नीचे के मानक वाले डीजल वाहन तथा BS-III और इससे नीचे के मानक वाले पेट्रोल वाहन नहीं चल सकेंगे। यह प्रतिबंध दिल्ली के साथ-साथ दूसरे राज्यों में पंजीकृत संबंधित वाहनों पर भी लागू होगा। मंत्री ने बताया कि BS-IV और इससे नीचे के उत्सर्जन मानकों वाले डीजल से चलने वाले भारी वाहनों और हल्के वाणिज्यिक वाहनों (LCV) पर भी प्रतिबंध रहेगा। ये पाबंदियां दिल्ली के अलावा नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम और सोनीपत में भी लागू होंगी।

पांचवीं तक के स्कूलों में हाइब्रिड पढ़ाई अनिवार्य

GRAP-3 के तहत दिल्ली-NCR के पांचवीं कक्षा तक के सभी स्कूलों को हाइब्रिड मोड में संचालित करना अनिवार्य किया गया है। इसके तहत विद्यार्थियों को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पढ़ाई का विकल्प देना होगा। अभिभावक और विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार इनमें से किसी एक माध्यम का चयन कर सकेंगे।

हवा की गति लगभग शून्य होने की आशंका, बढ़ सकता है AQI

पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने मौसम विभाग के पूर्वानुमान का हवाला देते हुए कहा कि शनिवार से मौसम की स्थिति और प्रतिकूल हो सकती है। हवा की गति लगभग शून्य के करीब पहुंचने की आशंका है। इससे वातावरण में मौजूद प्रदूषक तत्व लंबे समय तक जमा रह सकते हैं और वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में और बढ़ोतरी हो सकती है। हवा का ठहराव प्रदूषण की स्थिति को अधिक गंभीर बना सकता है। ऐसे में दिवाली के दौरान पटाखों से निकलने वाला धुआं भी दिल्ली की हवा की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है।

सरकार ने लोगों से की सहयोग की अपील

पर्यावरण मंत्री ने दिल्लीवासियों से GRAP-3 के तहत लागू प्रतिबंधों का पालन करने और प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये सभी पाबंदियां तब तक प्रभावी रहेंगी, जब तक GRAP का तीसरा चरण लागू रहेगा। मंत्री ने कहा कि प्रदूषण से निपटने के लिए सरकारी प्रयासों के साथ आम नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है। लोगों को नियमों का पालन करने और प्रदूषण कम करने में अपनी जिम्मेदारी निभाने की आवश्यकता है।

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