दिल्ली में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने विंटर एक्शन प्लान 2026-27 जारी कर दिया है। इस योजना का उद्देश्य दिल्ली-NCR में प्रदूषण से जुड़ी समस्याओं को नियंत्रित करना और सर्दियों के दौरान हवा की गुणवत्ता में सुधार के लिए समय रहते जरूरी कदम उठाना है। विंटर एक्शन प्लान (Winter Action Plan) में वाहनों से होने वाले प्रदूषण, निर्माण कार्यों से निकलने वाली धूल, सड़क की धूल और औद्योगिक उत्सर्जन को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न उपाय शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही लोगों की आवाजाही और परिवहन व्यवस्था से जुड़े कदमों पर भी जोर दिया गया है।

कई एजेंसियां मिलकर करेंगी काम

यह प्लान दिल्ली सरकार और केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सहयोग से तैयार किया गया है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM), केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB), दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC), दिल्ली पुलिस और स्थानीय निकायों के बीच समन्वय पर जोर दिया गया है। दिल्ली सरकार के विंटर एक्शन प्लान 2026-27 में वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए कई सख्त कदम उठाए गए हैं। योजना के तहत 1 नवंबर से दिल्ली के बाहर पंजीकृत पेट्रोल और डीजल वाहनों, जो BS-VI उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करते हैं, उन्हें दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, CNG और इलेक्ट्रिक वाहन इस प्रतिबंध के दायरे से बाहर रहेंगे।

‘No PUCC, No Fuel’ अभियान होगा सख्त

कार मालिकों के लिए सरकार ने ‘No PUCC, No Fuel’ अभियान को भी सख्ती से लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत 1 अक्टूबर से ANPR सिस्टम से लैस सभी 500 पेट्रोल पंपों पर अभियान को तेज किया जाएगा। वैध PUCC (Pollution Under Control Certificate) नहीं रखने वाले या निर्धारित उम्र सीमा पार कर चुके वाहनों को ईंधन नहीं देने की व्यवस्था लागू की जाएगी। ANPR कैमरों के जरिए वाहनों की पहचान और निगरानी की जाएगी।

पुराने वाहनों को स्क्रैप कराने पर जोर

सरकार पुराने और End-of-Life (ELV) वाहनों को स्क्रैप कराने तथा इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए ‘परिवर्तन स्कीम’ को भी तेज करेगी। इसके अलावा दोपहिया वाहन चालकों, टैक्सी चालकों और मालवाहक वाहनों के ड्राइवरों के बीच प्रदूषण नियंत्रण को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

निर्माण कार्यों पर चरणबद्ध पाबंदियां

दिल्ली सरकार के विंटर एक्शन प्लान 2026-27 में निर्माण और धूल से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए चरणबद्ध पाबंदियों का प्रावधान किया गया है। योजना के मुताबिक, 1 नवंबर से 31 जनवरी तक धूल पैदा करने वाले कार्यों पर रोक रहेगी। इसके बाद 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण और तोड़फोड़ के काम पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। निर्माण स्थलों पर प्रदूषण और नियमों के पालन की निगरानी के लिए 100 फीसदी CCTV कवरेज अनिवार्य करने की बात भी प्लान में कही गई है।

WFH और बदलेगा सरकारी कार्यालयों का समय

वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए सरकार ने 1 नवंबर से सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 फीसदी वर्क फ्रॉम होम या सप्ताह में कम से कम दो दिन WFH अपनाने की सलाह दी है। इसके अलावा सरकारी कार्यालयों के समय में भी बदलाव किया जाएगा। MCD कार्यालय सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक, जबकि दिल्ली सरकार के कार्यालय सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक संचालित होंगे।

पार्किंग शुल्क होगा दोगुना

सड़कों पर निजी वाहनों की संख्या और उनसे होने वाले उत्सर्जन को कम करने के लिए अधिकृत पार्किंग स्थलों पर पार्किंग शुल्क दोगुना करने का प्रावधान किया गया है। हालांकि, मेट्रो स्टेशनों की पार्किंग को इस बढ़ोतरी से बाहर रखा गया है।

3000 किमी सड़कों का होगा पुनर्विकास, धूल प्रदूषण रोकने के लिए कई उपाय

दिल्ली सरकार के विंटर एक्शन प्लान 2026-27 में धूल से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए करीब 3000 किलोमीटर सड़कों के पुनर्विकास का लक्ष्य रखा गया है। सरकार के मुताबिक, इनमें से 1,193 किलोमीटर सड़कों का काम पूरा किया जा चुका है। योजना के तहत सड़कों की डीप क्लीनिंग, मैकेनिकल स्वीपिंग, पानी का छिड़काव और फुटपाथों के सुधार पर जोर दिया जाएगा। इसके अलावा खाली जमीन पर हरियाली बढ़ाने के भी उपाय किए जाएंगे, ताकि धूल प्रदूषण को कम किया जा सके।

37 हॉटस्पॉट पर होगी साप्ताहिक निगरानी

वायु प्रदूषण और ट्रैफिक की स्थिति पर नजर रखने के लिए 37 एयर क्वालिटी और ट्रैफिक हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं। इन स्थानों का सांसद, विधायक, पार्षद और नोडल अधिकारी हर सप्ताह निरीक्षण करेंगे। इसके साथ ही ट्रैफिक जाम और वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम करने के लिए 15 प्रमुख सड़क हिस्सों को सिग्नल फ्री बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से 8 हिस्सों पर काम पूरा होने की बात प्लान में कही गई है।

2,283 प्रदूषणकारी इकाइयों पर कार्रवाई

औद्योगिक प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए दिल्ली में 11,271 औद्योगिक इकाइयों का सर्वे किया गया। इसके बाद नियमों का उल्लंघन करने वाली 2,283 प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों को सील या बंद किया गया है।

1 अक्टूबर से AI कमांड सेंटर पूरी तरह ऑपरेशनल

प्लान के तहत 1 अक्टूबर से AI-enabled Command and Control Centre पूरी तरह ऑपरेशनल किया जाएगा। प्रदूषण और नियमों के उल्लंघन की निगरानी के लिए 334 टीमें दो शिफ्ट में काम करेंगी। नागरिकों को भी प्रदूषण नियंत्रण अभियान से जोड़ने के लिए ग्रीन दिल्ली ऐप के जरिए प्रदूषण संबंधी शिकायत दर्ज कराने की सुविधा रहेगी।

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