दिल्ली में छात्रों के लिए पेइंग गेस्ट (PG) और हॉस्टल आवासों को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने कवायद तेज कर दी है। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने गुरुवार को छात्र आवास एवं सुरक्षा से संबंधित उच्चाधिकार प्राप्त समिति (HPC) की दूसरी बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में छात्रों के लिए उपलब्ध PG आवासों की मैपिंग करने के उद्देश्य से जल्द एक सरल ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च करने का फैसला लिया गया।

PG आवासों की जानकारी एक जगह मिलेगी

बैठक में छात्रों के आवास और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से छात्रों के लिए उपलब्ध PG आवासों की जानकारी जुटाने और उनकी मैपिंग करने की दिशा में काम किया जाएगा। इससे राजधानी में छात्रों के रहने के स्थानों की पहचान करने और आवास व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

PG पोर्टल का 2 से 4 दिनों में होगा प्रारंभिक परीक्षण

दिल्ली सरकार के मुताबिक, प्रस्तावित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से PG आवासों में कमरों की संख्या, उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं और रहने की व्यवस्था से जुड़ी अन्य जरूरी जानकारियां जुटाई जाएंगी। दिल्ली विश्वविद्यालय और दिल्ली नगर निगम (MCD) अगले 2 से 4 दिनों में पोर्टल का प्रारंभिक परीक्षण करेंगे। इसके बाद छात्रों के पंजीकरण के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा। इस डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य राजधानी में छात्रों के लिए उपलब्ध PG आवासों का रिकॉर्ड तैयार करना और उन्हें आवास संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाना है।

PG संचालन के नियमों का अध्ययन करेगी उप-समिति

बैठक में मास्टर प्लान और दिल्ली नगर निगम (DMC) एक्ट के प्रावधानों का अध्ययन करने के लिए एक उप-समिति गठित करने का भी फैसला लिया गया। इस समिति में दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA), दिल्ली सरकार, MCD और दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति के प्रतिनिधि शामिल होंगे। उप-समिति प्रमुख शैक्षणिक केंद्रों के 5 से 6 किलोमीटर के दायरे में PG आवासों के संचालन की संभावनाओं का अध्ययन करेगी। इसके साथ ही ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) वाले क्षेत्रों में कानूनी एवं सुरक्षित तरीके से PG संचालित करने के विकल्पों पर भी विचार किया जाएगा।

सुरक्षा जांच के लिए 100 मामलों का होगा निरीक्षण

दिल्ली में छात्रों के लिए PG और हॉस्टल आवासों को सुरक्षित बनाने के लिए सरकार ने निरीक्षण की तैयारी तेज कर दी है। इसके तहत MCD और DDA की संयुक्त टीमें अगले तीन दिनों में चिन्हित 100 मामलों का मौके पर निरीक्षण करेंगी। इस दौरान PG आवासों में सुरक्षा मानकों और कानूनी प्रावधानों के अनुपालन की स्थिति की जांच की जाएगी। भविष्य में लागू होने वाली नियामक व्यवस्था के तहत PG के प्रवेश द्वार, निकास और कॉमन एरिया में CCTV कैमरे अनिवार्य करने का प्रस्ताव भी रखा गया है। इसके साथ ही CCTV रिकॉर्डिंग का 40 से 45 दिनों तक बैकअप रखने का सुझाव दिया गया है। हालांकि, निगरानी व्यवस्था के साथ छात्रों की निजी जगहों की गोपनीयता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।

छात्रों के लिए सुरक्षित और किफायती आवास पर सरकार का जोर

शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि सत्य निकेतन में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद PG और हॉस्टल के लिए प्रभावी नियम तैयार करने के उद्देश्य से उच्चाधिकार प्राप्त समिति (HPC) का गठन किया गया था। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार छात्रों के लिए सुरक्षित और किफायती आवास सुनिश्चित करने को लेकर गंभीर है। इसके लिए PG के संचालन से जुड़े जरूरी नियम और कानून जल्द लाए जाएंगे। सरकार की इस पहल का उद्देश्य छात्रों की सुरक्षा मजबूत करने के साथ-साथ राजधानी में PG और हॉस्टल व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाना है।

दशहरा के बाद होगी HPC की अगली बैठक

दिल्ली में PG और छात्र आवासों को सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने के लिए गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति (HPC) की अगली बैठक दशहरा के बाद आयोजित की जाएगी। इस बैठक में उप-समिति की रिपोर्ट की समीक्षा की जाएगी। साथ ही, PG और छात्र आवासों के संचालन के लिए प्रस्तावित नियामक व्यवस्था के मसौदे को अंतिम रूप दिया जाएगा। वहीं, दिल्ली विश्वविद्यालय और दिल्ली नगर निगम (MCD) अगले 2 से 4 दिनों में PG आवासों की मैपिंग के लिए तैयार किए जा रहे ऑनलाइन पोर्टल का प्रारंभिक परीक्षण करेंगे। इसके बाद छात्रों के पंजीकरण के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा।

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