Major action on Delhi pollution: ठंड और त्योहारी सीजन शुरू होने के साथ ही दिल्ली की हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंचने लगी है। 20 अक्टूबर को रावण दहन के बाद इसमें तेजी से बढ़ने की आशंका है। दिल्ली की हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंची तो रेखा गुप्ता सरकार भी एक्शन मोड में आ गई है। सीएम रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार ने 1 नवंबर से 28 फरवरी तक के लिए विंटर एक्शन प्लान (Delhi Winter Action Plan) तैयार किया है। प्लान के तहत 1 नवंबर से 28 फरवरी तक बिना PUC पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा। साथ ही बाहरी गाड़ियों की एंट्री पर रोक, निर्माण स्थलों की निगरानी और वर्क फ्रॉम होम तक भी प्लान में शामिल किया गया है। जबकि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्थलों पर कार्रवाई करना इस व्यवस्था की अहम कड़ी होगी।

बता दें कि विंटर एक्शन प्लान के तहत ‘No PUC, No Fuel’ नीति लागू रहेगा। यानी प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) के बिना गाड़ी चलाने वालों पर सख्ती बढ़ेगी और ऐसे वाहनों को पेट्रोल-डीजल देने पर रोक रहेगी।

इसके अलावा BS-VI मानक से नीचे के बाहरी वाहनों पर भी प्रतिबंध लगाने की योजना है। इसका मकसद दिल्ली में प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की आवाजाही कम करना है। हालांकि, इन नियमों का असर इस बात पर निर्भर करेगा कि इन्हें किस तरह लागू किया जाता है और निगरानी कितनी प्रभावी रहती है। दिल्ली में प्रदूषण की एक बड़ी वजह निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल भी है। इसे रोकने के लिए सरकार निर्माण स्थलों पर सख्ती बढ़ाने और AI कैमरों के जरिए निगरानी करने पर जोर दे रही है।

वर्क फ्रॉम होम और पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर जोर

दिल्ली विंटर एक्शन प्लान में 50 फीसदी वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने की बात भी शामिल है। इसके साथ बसों, मेट्रो और आखिरी दूरी तक पहुंचाने वाली परिवहन सेवाओं को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा, ताकि निजी वाहनों पर निर्भरता घट सके।

पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने निरीक्षण किया

पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा (Manjinder Singh Sirsa) सोमवार को दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) के विभिन्न क्षेत्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान प्रदूषण के नियंत्रण के लिए निर्धारित नियमों का सही से पाल हो रहा है या नहीं, इसकी जांच की। इस निरीक्षण का उद्देश्य ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) और विंट एक्शन प्लान के तहत जारी किए गए निर्देशों सही से पालन हो रहा या नहीं इसकी जांच करना था। इस दौरान पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने अधिकाकरियों को लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

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