Delhi Race Course Mosque Controversy: दिल्ली रेस कोर्स इलाके में सरकारी जमीन खाली कराने की कार्रवाई के बीच अब दिल्ली रेस कोर्स मस्जिद को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। दिल्ली रेस कोर्स मस्जिद पर बुलडोजर चल सकता है। प्रधानमंत्री आवास के पास स्थित रेस कोर्स मस्जिद को प्रशासन ने 6 दिन का बेदखली नोटिस दिया है। वहीं मस्जिद के इमाम मौलाना मोहम्मद हारून का दावा है कि मस्जिद की बिजली और पानी की सप्लाई 7 अक्टूबर से काट दी गई है। नमाजियों के आने-जाने पर भी रोक लगा दी गई है। लिहाजा मस्जिद पर कभी भी बुलडोजर चल सकता है।
दिल्ली रेस कोर्स मस्जिद के इमाम के मुताबिक केंद्र सरकार के भूमि एवं विकास कार्यालय यानी L&DO ने मस्जिद परिसर को 6 दिन में खाली करने का नोटिस दिया है। इससे मस्जिद के गिराने की आशंका है।
मामले में असदुद्दीन ओवैसी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) भी कूद पड़ा है। खुद AIMIM प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी रिजिजू से इस मामले में तुरंत दखल देने की अपील की है। ओवैसी का कहना है कि मस्जिद 1977 से गजट में दर्ज वक्फ संपत्ति है फिर भी वक्फ बोर्ड ने कार्रवाई को चुनौती नहीं दी। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली वक्फ बोर्ड 2023 से गठित ही नहीं है। AAP नेता अमानतुल्लाह खान का दावा है कि मस्जिद आजादी से पहले की है और करीब 125 साल पुरानी है। इमाम ने बताया कि वे खुद हाईकोर्ट गए थे लेकिन उनकी याचिका इसलिए खारिज हो गई क्योंकि मस्जिद वक्फ में दर्ज है और याचिका वक्फ बोर्ड को दाखिल करनी चाहिए थी।
मस्जिद तोड़ने की सोची-समझी साजिशः AIMIM दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष
वहीं AIMIM दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष डॉ. शोएब जामेई ने प्रधानमंत्री आवास के पास स्थित ऐतिहासिक रेस कोर्स मस्जिद को दिए गए 6 दिन के बेदखली नोटिस को मस्जिद तोड़ने की सोची-समझी साजिश करार दिया है। उन्होंने दावा किया कि ये मस्जिद दिल्ली के गैजेट नोटिफिकेशन में दर्ज है फिर भी इसे तोड़ने की बीजेपी सरकार साजिश कर रही है। इसे देश में गुंडाराज करार दिया। उन्होंने कहा कि इस बार इस मस्जिद को गिरने नहीं दिया जाएगा। सेव मस्जिद सेव दिल्ली के मिशन के तहत मिलकर लड़ेंगे।
जमीयत ने रिजिजू से की मुलाकात
मस्जिद के मामले में जमीयत उलेमा-ए-हिंद का प्रतिनिधिमंडल 19 अक्टूबर को केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू से मिला। इसकी अगुवाई जमीयत के महासचिव मौलाना मुहम्मद हकीमुद्दीन कासमी ने की। प्रतिनिधिमंडल ने जमीयत अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी की ओर से एक ज्ञापन सौंपा। इसमें मस्जिद और उससे सटे कब्रिस्तान को बचाने की मांग की गई। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि सरकारी रिकॉर्ड की पूरी जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी किए बिना कोई कार्रवाई न की जाए। मस्जिद के इमाम भी इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे। इससे एक दिन पहले 18 अक्टूबर को जमीयत की दिल्ली इकाई ने मस्जिद का दौरा किया था।

रेस क्लब पर पहले ही हो चुकी है कार्रवाई
बता दें कि इससे पहले अगस्त में L&DO ने दिल्ली रेस क्लब की करीब 53 एकड़ जमीन अपने कब्जे में ली थी। पटियाला हाउस कोर्ट ने 25 अगस्त को क्लब की वह याचिका खारिज कर दी थी जिसमें बेदखली के आदेश पर अंतरिम रोक मांगी गई थी। इसके बाद 27 अगस्त को बुलडोजर चले। उस दिन क्लब के पुराने अस्तबल, विनिंग पोस्ट और सैडलिंग एनक्लोजर समेत कई ढांचे गिरा दिए गए। जमीन देखरेख के लिए CPWD को सौंप दी गई। एस्टेट ऑफिसर के आदेश में कहा गया था कि क्लब की लीज 31 दिसंबर 1994 को खत्म हो चुकी थी
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