सोहराब आलम, मोतिहारी/ पंकज श्रीवास्तव, सारण। बिहार के कई जिलों में बाढ़ ने विकराल रूप धारण करना शुरू कर दिया है। ताजा मामलों में पूर्वी चंपारण और सारण जिलों से डराने वाली तस्वीरें सामने आई हैं, जहां एक तरफ प्रमुख गंडक तटबंध पर रिसाव और टूटने की घटनाएं सामने आई हैं, वहीं दूसरी तरफ सारण में तेज बहाव के कारण एक पूरा मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गया।
चंपारण तटबंध पर कई जगहों पर रिसाव
पूर्वी चंपारण जिले के अरेराज अनुमंडल अंतर्गत जितवारपुर मिश्र टोला के समीप गंडक नदी के मुख्य चंपारण तटबंध में कई जगहों पर रिसाव शुरू हो गया है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि बांध का एक हिस्सा आंशिक रूप से टूट भी गया था।
खतरे की सूचना मिलते ही स्थानीय विधायक राजू तिवारी और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। राहत की बात यह रही कि विधायक ने खुद ग्रामीणों के साथ कंधे पर बालू के बोरे उठाकर बांध की मरम्मत का काम किया।
प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल:
घटनास्थल पर पहुंचे विधायक राजू तिवारी ने जल संसाधन विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि तटबंध पर दर्जनों जगहों पर रिसाव हो रहा है और वे खुद ग्रामीणों के साथ पेट्रोलिंग कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे फिलहाल राजनीति या आरोप-प्रत्यारोप में नहीं पड़ेंगे, लेकिन इस बड़ी लापरवाही की सीधी शिकायत मुख्यमंत्री से की जाएगी। वहीं, मौके पर पहुंचे अरेराज के एसडीओ सुजीत कुमार ने माना कि तैयारियों को और बेहतर करने की आवश्यकता थी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में फ्लड फाइटिंग का कार्य तेजी से जारी है और पूरे तटबंध पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
मकेर में तेज बहाव में बहा मकान
दूसरी ओर, सारण जिले में बाढ़ ने तबाही का खौफनाक रूप दिखाना शुरू कर दिया है। मकेर प्रखंड में गंडक नदी के उफान और पानी के अत्यधिक तेज बहाव के बीच एक मकान देखते ही देखते ताश के पत्तों की तरह नदी में समा गया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में भयंकर दहशत का माहौल है। निचले इलाकों में पानी तेजी से फैल रहा है, जिससे दर्जनों परिवारों के सामने अपने घरों और जरूरी सामानों को बचाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
जिला प्रशासन की कार्रवाई और राहत कार्य:
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सारण के जिलाधिकारी (DM) वैभव श्रीवास्तव और पुलिस अधीक्षक (SP) रोशन कुमार ने कटाव प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और युद्ध स्तर पर कटाव रोकने के निर्देश दिए।
- प्रभावित क्षेत्र: जिले के 18 पंचायतों के 48 गांव बाढ़ की चपेट में हैं।
- प्रभावित आबादी: लगभग 24,725 लोग और 4,220 परिवार इससे प्रभावित हुए हैं।
- राहत एवं बचाव इंतजाम: प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के तहत 5 चिकित्सा शिविर, 33 नावें और 1 बोट एंबुलेंस तैनात की गई है। इसके अलावा 3 एनडीआरएफ/एसडीआरएफ की टीमें भी मुस्तैद हैं।
- भोजन और सामग्री: जरूरतमंद परिवारों के बीच 950 पॉलीथिन शीट बांटी गई हैं। साथ ही 14 सामुदायिक रसोई के माध्यम से लगभग 5,000 लोगों के लिए भोजन की पुख्ता व्यवस्था की गई है। जिला प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और राहत कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

