रणधीर परमार, छतरपुर। बागेश्वर धाम के पीठाधीश पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने छतरपुर में सामूहिक कन्या विवाह करवाया। आयोजन में 300 कन्याएं वैवाहिक बंधन में बंधीं। इस दौरान पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने हिंदू धर्म को बचाने के लिए माला के साथ भाला रखने की भी सलाह दे दी। 

‘हिंदुत्व को बचाना है तो मठ से बाहर निकलना पड़ेगा’ 

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सामूहिक कन्या विवाह में कहा कि आत्मरक्षा भारत के संविधान का अधिकार है। यह बहुत आवश्यक है। जूडो, कराटे, तीरंदाजी, तलवारबाजी सिखाओ, आना चाहिए। मुसीबत के लिए ये काम आएगा। क्योंकि सीताराम-सीताराम करने से धर्म नहीं बचेगा। यह तो भजन है, भजन करो, मठ में बैठकर आनंद लो। लेकिन अगर हिंदुत्व को बचाना है तो मठ से बाहर निकलना पड़ेगा, माला और भाला रखना पड़ेगा। 

सीएम डॉ. मोहन भी हुए शामिल

छतरपुर में आयोजित सामूहिक कन्या विवाह समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव  भी शामिल हुए। सीएम ने कहा कि बेटे-बेटियों का विवाह करने के लिए सामूहिक विवाह सबसे उत्तम माध्यम है। समाज में खर्चीले विवाहों का प्रचलन चिंतनीय है। मितव्ययिता जरूरी है। हमारा समाज परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। बदलते वक्त के साथ हमें अपनी सोच भी बदलने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने स्वयं अपने पुत्र का विवाह उज्जैन में एक सामूहिक विवाह सम्मेलन में किया हैं। शादियों में अनावश्यक खर्च से हमें बचना ही चाहिए। सामूहिक विवाहों से हुई बचत परिवार के लिए अन्य सुविधा जुटाने के लिए उपयोगी हो सकती है।

विवाह करने वाले बेटे-बेटियों को रोजगार दिलाएगी सरकार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि विवाह और मृत्यु भोज जैसे कार्यक्रमों में फिजूलखर्ची और दिखावे को बंद करने की आवश्यकता है। बागेश्वर धाम में हो रहे सामूहिक विवाह एक यज्ञ के समान हैं। अच्छाइयां ही हमेशा याद रहती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय संस्कृति की भावना को मजबूत करने के लिए छतरपुर को कैंसर अस्पताल की सौगात दी है। हमारे देवस्थान चमत्कारिक होते हैं। मंदिर के आसपास अस्पताल भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जितने भी बेटे-बेटियों का विवाह हुआ है, इन्हें किसी भी रोजगार या काम-धंधे की आवश्यकता है, तो सरकार सभी को हर जरूरी सहायता उपलब्ध करायेगी।

300 नव दंपतियों को दी शुभकामनाएं 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारे जीवनकाल के 16 संस्कारों में विवाह सबसे बड़ा संस्कार है। यह धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की राह दिखाता है। उन्होंने सामूहिक विवाह सम्मेलन में शामिल हुए 300 नव दंपतियों को शुभकामनाएं दी। भारतीय सनातन संस्कृति को आघात पहुंचाने के लिए दुनियाभर के आक्रांताओं ने भारत भूमि पर आक्रमण किए। गुजरात के देवधाम सोमनाथ मंदिर पर भी आक्रमण किया, लेकिन पिछले 75 साल से सोमनाथ मंदिर की भव्यता दिनों-दिन बढ़ती ही जा रही है। भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या में भी श्रीरामलला भव्य मंदिर में विराजे हैं। 

मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के जरिए 51 हजार रुपए दे रही सरकार

उन्होंने कहा कि बागेश्वर धाम ने सनातन संस्कृति को नई दिशा दी है। राज्य सरकार बेटियों के विवाह के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के जरिए 51 हजार रुपए की राशि प्रदान कर रही है। सनातन संस्कृति में हर साल तीन ऐसी तिथियां हैं, जब बगैर मुहूर्त के विवाह किए जा सकते हैं। देवउठनी एकादशी, बसंत पंचमी और अक्षय तृतीया। इन तीनों तिथियों पर पर कन्याओं के सामूहिक विवाह आयोजित किए जाएं। सामूहिक विवाह से शादियों में होने वाले बेहिसाब खर्चों में कमी आ रही है। समाज में हो रहे सकारात्मक बदलावों को सभी को अपनाना चाहिए।

धीरेंद्र शास्त्री ने मुख्यमंत्री को कहा श्रीकृष्ण के वंशज

बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव श्रीकृष्ण के वंशज हैं। वे गौशाला, गौ-मंदिर और गौमाता के लिए न्यास बनाने का कार्य करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में उज्जैन में बाबा महाकाल का भव्य महाकाल लोक निर्मित हुआ है। स्थानीय विधायक अरविंद पटेरिया ने कहा कि बागेश्वर धाम में आयोजित यह 7वां सामूहिक कन्या विवाह सम्मेलन है। पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बागेश्वर धाम सहित संपूर्ण बुंदेलखंड के विकास का संकल्प लिया है। वे क्षेत्र के गरीब परिवारों की बेटियों के पिता बनकर शिक्षा, चिकित्सा एवं विवाह में हर संभव सहायता कर रहे हैं।

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