आगरा. बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. भगवान श्रीकृष्ण को ‘टेढ़ा’ बताने वाले बयान को लेकर उत्तर प्रदेश के आगरा में उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि का परिवाद दाखिल किया गया है. आगरा के वकील अजय प्रताप सिंह ने सिविल कोर्ट में यह मामला दायर किया है. उनका आरोप है कि धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी से भगवान श्रीकृष्ण के वंशजों की सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है. कोर्ट ने गुरुवार को परिवाद दर्ज किया. अब इस मामले में अगली सुनवाई 14 दिसंबर को होगी.
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जादौन, जडेजा और भाटी वंश का किया जिक्र
परिवाद में जादौन, जडेजा और भाटी क्षत्रिय वंश का उल्लेख किया गया है. अजय प्रताप सिंह ने खुद को माता पक्ष से भगवान श्रीकृष्ण का वंशज बताया है. उन्होंने अपने परिवाद में मथुरा गजेटियर और अलेक्जेंडर कनिंघम की पुस्तक ‘रिपोर्ट ऑन ईस्टर्न राजपूताना 1882-83’ का भी हवाला दिया है. यह परिवाद सिविल जज जूनियर डिवीजन-5 की अदालत में पेश किया गया.
रामकथा में भगवान कृष्ण को लेकर की थी टिप्पणी
यह विवाद 29 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में हुई रामकथा से शुरू हुआ था. कथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान राम और कृष्ण की तुलना की थी. उन्होंने कहा था कि उनके राम सीधे हैं, जबकि कृष्ण तीन जगह से टेढ़े खड़े होते हैं. उन्होंने भगवान कृष्ण के बांसुरी बजाने और गाय चराने का भी जिक्र किया था. वहीं, भगवान राम के धनुष चलाने और हनुमान के पर्वत उठाने की बात कही थी.
विवाद बढ़ा तो हाथ जोड़कर मांगी थी माफी
बयान पर विवाद बढ़ने के बाद धीरेंद्र शास्त्री ने हाथ जोड़कर माफी मांगी थी. उन्होंने कहा था कि भगवान राम और कृष्ण एक ही हैं. उनका दोनों के बीच भेद करने का कोई इरादा नहीं था. उन्होंने अपनी टिप्पणी को लेकर सफाई भी दी थी.
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मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने किया समर्थन
इस विवाद के बीच मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय संयोजक मोहम्मद फैज खान ने धीरेंद्र शास्त्री का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि विपक्ष उनकी कथाओं और सनातन धर्म के प्रचार से भयभीत है. इसी वजह से उन्हें बदनाम करने और फंसाने की कोशिश की जा रही है.

