CG NEWS: अमित पांडेय. डोंगरगढ़ में लाखों रुपए की अवैध शराब की खेप मिलने का खुलासा पिछले दिनों पुलिस ने किया था. अब इस मामले में और चौंकाने वाले खुलासे हुए है और पुलिस ने अब इस पूरे खेल से जुड़े 8 आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया है. शराब जब्त किए जाने के बाद इस मामले में राजनीति शुरू हो गई थी और आरोपियों को गिरफ्तार न किए जाने का आरोप लगाते हुए विपक्ष ने कई गंभीर आरोप लगाये थे.

दरअसल डोंगरगढ़ में अवैध शराब तस्करी के बड़े रैकेट का आज भंडाफोड़ हुआ है. पुलिस ने करवारी रोड स्थित एक फार्महाउस में छापा मारकर लगभग 27 लाख रुपये मूल्य की 3888 बल्क लीटर शराब जब्त की. यह शराब मध्यप्रदेश से लाकर छत्तीसगढ़ में बेचने के लिए तैयार की जा रही थी. इस कार्रवाई में फार्महाउस मालिक रोहित नेताम उर्फ सोनू सहित आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया.

29 मार्च को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि करवारी रोड पर स्थित रोहित नेताम के फार्महाउस में अवैध शराब का बड़ा स्टॉक डंप किया गया है पुलिस तक सूचना पहुचनें के साथ साथ तस्करों को भी इसकी भनक लग गई और वे सब लाखों की शराब छोड़ फ़ार्म हाउस से फरार हो गए. पुलिस को फ़ार्म हाउस में जांच के दौरान शराब की बोतलों पर छत्तीसगढ़ का नकली लेबल मिला जिसे स्थानीय बाजार में बेचा जाता था. साथ ही फार्महाउस में 432 पेटी शराब, हजारों की संख्या में खाली बोतलें, नकली स्टिकर, होलोग्राम और अन्य सामग्री भी बरामद हुई. लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस की जम कर किरकिरी हो रही थी.

इस रैकेट का सरगना रोहित नेताम उर्फ सोनू पुलिस के लिए कोई नया नाम नहीं था. पहले से ही अवैध शराब, मारपीट और जुए से जुड़े कई मामले उसके खिलाफ दर्ज हैं. वह तस्करी के इस धंधे को हाईटेक तरीके से संचालित कर रहा था. उसने अपने फार्महाउस में सीसीटीवी कैमरे और वाईफाई लगा रखा था, जिससे किसी भी संदिग्ध हलचल की जानकारी उसे मोबाइल पर तुरंत मिल जाए. छापे के दौरान भी वह कैमरे के जरिए पुलिस की रेड को लाइव देख रहा था और मौका पाकर फरार हो गया. हालांकि, बाद में पुलिस ने उसे पकड़ लिया. आरोपी को पकड़ने पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम (SIT) बनाई गई, जिसमें डोंगरगढ़ थाना और साइबर सेल के अधिकारी शामिल थे. इस टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, संदिग्धों की पहचान की और अलग-अलग जगहों पर दबिश देकर आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया.

गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य सरगना रोहित नेताम के अलावा दलजीत सिंह उर्फ राजा, मोहित कुर्रे, रवि कंडरा, सिद्धार्थ फुले, सोनू यादव, विशाल मिश्रा और भुवन कंडरा शामिल हैं. इन सभी के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें अवैध शराब तस्करी, अपहरण, मारपीट और जुआ जैसे अपराध शामिल हैं.

कैसे चल रहा था अवैध शराब का नेटवर्क?

यह गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था. मोहारा निवासी छोटा कट्टी उर्फ नंदकुमार वर्मा और उसका साथी ‘हड्डी’ मध्यप्रदेश से शराब लाकर रोहित नेताम के फार्महाउस में डंप करते थे. इसके बाद यहां नकली स्टिकर और होलोग्राम लगाकर इसे छत्तीसगढ़ ब्रांड की शराब बना दिया जाता था. फिर देर रात स्कूटी से छोटे-छोटे पैक में भरकर यह शराब शहर के अलग-अलग इलाकों में बेची जाती थी. रोहित नेताम ने अपने घर पर एक किराना दुकान की आड़ में इस अवैध शराब की बिक्री का पूरा सेटअप बना रखा था. पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह का नेटवर्क और भी बड़ा हो सकता है और इसमें कुछ रसूखदार लोग भी शामिल हो सकते हैं.

पुलिस ने इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन अब सवाल यह है कि क्या यह पूरा नेटवर्क सिर्फ इन्हीं लोगों तक सीमित है? फार्महाउस से मिले नकली होलोग्राम, स्टिकर और सरकारी सीलिंग रोल यह इशारा कर रहे हैं कि शराब तस्करी का यह कारोबार किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है. फिलहाल, पुलिस सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और इस मामले में शामिल अन्य लोगों की तलाश जारी है.