कुंदन कुमार, पटना। भारतीय राजनीति, समाजसेवी और कॉर्पोरेट जगत के एक प्रमुख स्तंभ, भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्य तथा पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ० रविन्द्र किशोर सिन्हा (बड़े साहब) का निधन हो गया है। उन्होंने नोएडा स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से पूरे देश, विशेषकर बिहार के राजनीतिक और व्यापारिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। वे न केवल एक वरिष्ठ राजनेता थे, बल्कि देश की अग्रणी सुरक्षा एजेंसियों में से एक, एसआईएस (SIS) ग्रुप के संस्थापक-चेयरमैन भी थे।
समाज और देश के लिए एक अपूरणीय क्षति
डॉ० रविन्द्र किशोर सिन्हा का निधन भारतीय जनता पार्टी और उनके विशाल प्रशंसक वर्ग के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपने जीवनकाल में एक छोटे से स्तर से शुरुआत करके उद्योग जगत में जो मुकाम हासिल किया, वह लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। अपनी मेहनत, दूरदर्शिता और राष्ट्र-निर्माण की भावना के कारण उन्हें समाज में ‘बड़े साहब’ के नाम से सम्मानपूर्वक संबोधित किया जाता था। उन्होंने हमेशा अपने कार्यकर्ताओं, कर्मचारियों और आम जनता को परिवार का सदस्य माना।
दिल्ली से पटना लाया जाएगा पार्थिव शरीर
परिजनों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, डॉ० सिन्हा का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन हेतु दिल्ली से बिहार की राजधानी पटना लाया जाएगा। पटना के पाटलिपुत्र स्थित अन्नपूर्णा भवन में उनका पार्थिव शरीर रखा जाएगा, जहां उनके शुभचिंतक, पार्टी कार्यकर्ता, गणमान्य व्यक्ति और आम जनता उनके अंतिम दर्शन कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे।
कब होगी अंतिम यात्रा
डॉ० आर० के० सिन्हा के पार्थिव शरीर के पटना पहुंचने के निश्चित समय तथा अंतिम संस्कार से जुड़े विस्तृत कार्यक्रमों की जानकारी शीघ्र ही परिजनों और प्रशासन द्वारा सार्वजनिक की जाएगी।
देश भर से शोक की लहर और प्रार्थनाएं
बड़े साहब के निधन की सूचना मिलते ही विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, उद्योगपतियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है। सभी से यह भावुक अपील की गई है कि वे जहां भी मौजूद हैं, वहीं से दिवंगत पुण्यात्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करें। साथ ही, ईश्वर से यह भी याचना की जा रही है कि वे इस अत्यंत कठिन समय में शोक संतप्त परिवार और उनके अनुयायियों को यह अपार दुख सहने की शक्ति और संबल प्रदान करें।

