भिलाईनगर। भारतीय रेलवे ने यात्रियों के सफर को और आसान बनाने तथा ट्रेन की क्षमता को बढ़ाने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। भारतीय रेलवे 11000 किमी लंबे और सबसे व्यस्त नेटवर्क को फोरलेन (चार ट्रैक) में बदलना चाहता है। इसका सीधा सा मतलब है कि इसके लिए बीएसपी को 22000 किमी रेलपांत बनाने का आर्डर मिलेगा। यह बीएसपी के लिए बड़ी खुशखबरी है, क्योंकि इससे बीएसपी को कम से कम 9768 करोड़ मिलेंगे।
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दरअसल, यह 11000 किमी भारतीय रेलवे के कुल नेटवर्क का लगभग 16% हिस्सा कवर करते हैं। और कुल रेल यातायात का करीब 41% भार वहन करते हैं। इसी रूट को वह फोरलेन में बदलना चाहता है ताकि ट्रेनों की संख्या में और बढ़ोतरी की जा सके, पैंसेजर और मालगाड़ी दोनों। इससे यात्रियों की भी सुविधा बढ़ेगी और मालगाड़ियों के लिए भी फ्री ट्रैक मिलेगा। केन्द्रीय केबिनेट के महत्वपूर्ण रेलवे परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद इस पर भारतीय रेलवे ने काम करना शुरु कर दिया है।

बीएसपी को रेलपांत प्रोडक्शन क्षमता को बढ़ाना होगा बीएसपी ने रेल एंड स्ट्रक्चरल्स मिल के बाद 12 लाख टन क्षमता वाली यूनिवर्सल रेल मिल की स्थापना की। यह दुनिया की अत्याधुनिक मिल है जो कि 130 मीटर रेलपांत को बिना वेल्ड किए एक ही टुकड़े में रोल करने की क्षमता रखती है। इसे वेल्डिंग कर 260 मीटर में बदला जाता है।
पुरानी रेल मिल और नई यूनिवर्सल रेल मिल को मिलाकर कुल रेलपाँत बनाने की क्षमता बढ़कर 20 लाख टन हो गई है। लेकिन भारतीय रेलवे के नेटवर्क के विस्तार को देखते हुए अब बीएसपी को जल्द एक और नई अत्याधुनिक रेल मिल की स्थापना करने की जरूरत है। हालांकि यूआरएसएम यानी यूनिवर्सल रेल स्ट्रक्चरल्स मिल की स्थापना पर जमीनी काम की शुरुआत होने की खबर है।
विवाद के बाद पिकअप वाहन चढ़ाकर घायल करने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार
भिलाईनगर। ढांचा भवन स्थित दुर्गा पंडाल के पास विवाद के बाद आरोपी ने पिकअप वाहन से अंकित सिंह को टक्कर मारकर वाहन उसके ऊपर चढ़ा दिया। इससे उसकी मौत हो गई। मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं घटना में प्रयुक्त पिकअप वाहन भी जब्त की है।
ग्रामीण एएसपी मणिशंकर चन्द्रा ने बताया कि प्रार्थी नारायण सिंह निवासी कैलाश नगर ने थाना जामुल में रिपोर्ट दर्ज कराया कि 25 सितंबर को उनके पुत्र अंकित सिंह के जन्मदिन के अवसर पर रात्रि लगभग 11.30 बजे गोपी अपने पिकअप वाहन में अन्य साथियों के साथ ढांचा भवन स्थित दुर्गा पंडाल के पास आया था। वहां अंकित सिंह एवं गोपी के बीच बातचीत को लेकर विवाद हुआ। विवाद के दौरान गोपी ने अंकित से गाली-गलौज की गई तथा पिकअप वाहन को तेज एवं खतरनाक तरीके से चलाते हुए अंकित के ऊपर चढ़ा दिया गया। घटना के बाद आरोपी वाहन सहित मौके से फरार हो गया।
अंकित सिंह को उसके साथियों ने उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना जामुल में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया। विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने आरोपियों की तलाश एवं घेराबंदी कर चार आरोपियों गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी (23 वर्ष) निवासी ढांचा भवन कुरूद, गुरप्रीत सिंह उर्फ गगन (24 वर्ष) निवासी कैलाश नगर, मिलिंद साहू (21 वर्ष) निवासी एसीसी चौक जामुल व शुभम शर्मा (21 वर्ष) निवासी गोकुल नगर थाना जामुल को गिरफ्तार किया है।
विसर्जन शोभायात्रा में नाबालिग ने चाकू मारकर 5 लोगों को किया घायल
भिलाईनगर। खुर्सीपार जोन-3 क्षेत्र में शनिवार रात गणेश प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान एक नाबालिग बदमाश ने चाकूबाजी कर दी। अचानक हुए इस हमले में जुलूस में शामिल पांच युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। कथित आरोपी के समुदाय विशेष का होने से घटना के बाद से पूरे इलाके में भारी तनाव का माहौल है और एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार रात लगभग पौने 10 बजे गणेशोत्सव समिति के सदस्य, महिलाएं, बच्चे और युवा नाचते-गाते हुए गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए निकल रहे थे। इसी दौरान आरोपी नाबालिग हाथ में धारदार चाकू लेकर जुलूस में घुसा और अंधाधुंध वार करना शुरू कर दिया।
इस अचानक हुए हमले में हिमांशु वर्मा, हेमंत वर्मा, अमित पटेल, संदीप साहनी और अभिषेक वर्मा को चोटें आई हैं। वारदात के बाद जुलूस में अफरा तफरी और भगदड़ मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के तुरंत बाद आक्रोशित मोहल्लेवासियों ने खुर्सीपार थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ कड़ी धाराओं में एफआईआर दर्ज करने और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
लीजधारियों ने की उचित व्यवस्थापन की मांग
भिलाईनगर। रविवार को सेक्टर 6 सड़क 34 डोम शेड में भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन द्वारा प्रभावित लीज धारकों के हितों और अधिकार के लिए बनी समिति नगर लीज धारक कल्याण एवं नागरिक विकास समिति, भिलाई की आपात बैठक हुई। इसमें समिति के अध्यक्ष प्रेमसागर सूर्यवंशी ने भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन की दमनकारी नीतियों और लीज धारकों के अधिकारों पर हो रहे कुठाराघात को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया।
अध्यक्ष प्रेमसागर सूर्यवंशी प्रबंधन के रवैये पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा, दशकों से यहां रह रहे लीज धारकों के मूल अधिकारों का हनन किया जा रहा है, जिसे अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जब तक प्रबंधन हमारे लिए उचित और पूर्ण व्यवस्थापन (पुनर्वास) की लिखित गारंटी नहीं देता, तब तक हम एक इंच भी पीछे हटने या यहां से जाने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि लीज धारक शांतिप्रिय तरीके से अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन अगर प्रबंधन ने इसे कमजोरी समझा तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।
बिना किसी वैकल्पिक और सम्मानजनक व्यवस्था के किसी को भी बेदखल करने की कोशिश पर कानूनी रुप से दिया जाएगा। बैठक में लिए गए सभी लीज धारकों ने एक सुर में कहा कि वे अपने कानूनी और मानवीय अधिकारों की रक्षा के लिए आखिरी सांस तक लड़ेंगे। समिति जल्द ही जिला प्रशासन और संयंत्र प्रबंधन को एक ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराएगी।
वेतन लंबित होने से रिसाली निगम के ठेकेदार बंद किया काम
भिलाईनगर। नगरीय निकाय जनवादी सफाई कामगार यूनियन एवं छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा मजदूर कार्यकर्ता समिति ने बताया कि रिसाली नगर पालिक निगम में सफाई कामगारों को अभी तक वेतन नहीं मिला है। इस पर ठेकेदार ने 5 दिनों के लिए काम बंद कर दिया है। इससे सफाई कामगारों में आक्रोश के साथ-साथ दहशत का माहौल बना हुआ है।
समस्या को लेकर मजदूरों की बैठक में निर्णय लिया गया कि 28 सितंबर को रायपुर के तुता धरना स्थल पर पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा तथा सफाई कामगारों की समस्याओं से उन्हें अवगत कराया जाएगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि 29 एवं 30 सितंबर को दुर्ग में सहायक श्रमायुक्त कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया जाएगा और मजदूरों की लंबित मांगों तथा वेतन संबंधी समस्याओं के तत्काल निराकरण की मांग की जाएगी। बैठक में यह जानकारी भी साझा की गई कि चरोदा नगर निगम के सफाई कामगारों को भी आज तक वेतन नहीं मिला है। इसे लेकर मजदूरों में भारी नाराजगी है।
बैठक में तय किया गया कि 28 सितंबर को भिलाई निगम, चरोदा निगम, रिसाली निगम, कुम्हारी नगरपालिका सहित अन्य नगरीय निकायों के सफाई कामगार एवं मजदूर बड़ी संख्या में रायपुर के तूता धरना स्थल पहुंचेंगे। मजदूर शहीद दिवस को संघर्ष दिवस के रूप में मनाते हुए अपनी मांगों और अधिकारों के 4 लिए आवाज बुलंद करेंगे। बैठक में सविता, त्रिवेणी, चंद्रकला, संतरीन, पंचराम, कलादास डेहरिया सहित सैकड़ों मजदूर शामिल हुए।
सीएसवीटीयू में अब 30 सितंबर तक अंकों को चुनौती देने का मौका
भिलाईनगर। सीएसवीटीयू के अप्रैल-मई 2026 परीक्षा परिणाम जारी होते ही विद्यार्थियों के बीच अगली प्रक्रिया को लेकर हलचल शुरू हो गई है। किसी के लिए परिणाम राहत लेकर आया है तो किसी की नजर अब पुनर्मूल्यांकन पर टिक गई है। तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई ने विद्यार्थियों को अपने प्राप्तांकों की दोबारा जांच के लिए सीमित समय का मौका दिया है। छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय ने अप्रैल-मई 2026 सत्र की मुख्य परीक्षा के परिणाम जारी किए हैं।
विद्यार्थी पोर्टल पर अपनी आईडी से लॉगिन कर परिणाम देखने के साथ सीआर शीट डाउनलोड कर सकते हैं। बीटेक (माइनिंग) के तृतीय सेमेस्टर बैकलॉग तथा चतुर्थ सेमेस्टर रेगुलर, बैकलॉग के विद्यार्थी पुनर्मूल्यांकन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितंबर निर्धारित है। तारीख चूकी तो नहीं मिलेगा मौका- तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई ने साफ किया है कि निर्धारित अंतिम तिथि के बाद पुनर्मूल्यांकन के लिए किए गए किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। ऐसे में विद्यार्थियों के पास आवेदन करने के लिए कुछ ही दिन बचे हैं।
परिणाम में किसी तरह की परेशानी या तकनीकी समस्या आने पर पोर्टल टिकिट सिस्टम के माध्यम से निर्धारित समय सीमा के भीतर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। वहीं विश्वविद्यालय ने संबंधित प्राचार्यों और निदेशकों को भी विद्यार्थियों की सीआर शीट डाउनलोड कर सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं।
शहर में रातभर बजा कानफोडू डीजे
राजनांदगांव। शहर में गणेश विसर्जन झांकियों के दौरान निर्धारित नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया। रात करीब 9 बजे के बाद झांकियों के निकलने का सिलसिला शुरू हुआ, जो देर रात से लेकर सुबह तक जारी रहा। इस दौरान कई स्थानों पर डीजे की तेज आवाज में लगातार बजते रहे। साउंड सिस्टम का पूरी तरह से पालन भी नहीं किया गया, जबकि मौके पर मौजूद अधिकारी और कर्मचारियों की मौजूदगी के बावजूद प्रभावी नियंत्रण नजर नहीं आया।
पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच निकल गई विसर्जन झांकियां में नियमों की भी जमकर अनदेखी होती रहे। झांकियों के देर से शुरू होने के कारण पूरा विसर्जन कार्यक्रम प्रभावित हुआ। रात बढ़ने के साथ झांकियों की संख्या बढ़ती गई और व्यवस्था संभालने में प्रशासन तथा नगर निगम के अमले को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। सुबह करीब 7 बजे तक भी सभी विसर्जन झांकियां नहीं निकल पाई थीं ।
विसर्जन झांकियों के निकालने के दौरान जाम जैसी स्थिति भी रात भर बनी रही। संस्कारधानी में विसर्जन झांकियां में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा 800 जवानों की ड्यूटी भी लगाई गई थी। पुलिस के सभी अधिकारियों ने भी कमान संभाली। ड्रोन कैमरे से भी निगरानी हुई उसके बाद भी अब अव्यवस्था बनी रही।
देर रात तक बनी रही असमंजस की स्थिति, लगता रहा जाम
झांकियों के संचालन को लेकर समिति पदाधिकारियों और व्यवस्था में लगे अधिकारियों के बीच कई बार असमंजस की स्थिति बनी। खाली स्थान पर जाम जैसी स्थिति देखने को मिलती रही। कुछ स्थानों पर विवाद की स्थिति भी निर्मित हुई। भीड़ बढ़ने और झांकियों के एक के बाद एक आने से मार्ग व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण रहा। डीजे में भी नियमों की जमकर और अच्छी देखने को मिली है। कार्रवाई की बजाय व्यवस्था में लगी अधिकारी भी मुक दर्शक बने रहे।
कांजी हाउस में भूख से तड़पकर 11 मवेशियों की मौत
राजनांदगांव। मुख्यालय से लगे बघेरा गांव के कांजी हाउस में बीते शनिवार और रविवार को 11 मवेशियों की भूख में तड़प तड़पकर मौत हो गई है। कांजी हाउस के अंदर ताले में जड़कर रखे गए मृत मवेशियों के शव से जब बदबू उठने लगा तो गांव वालों ने कांजी हाउस खोलकर देखा, जहां इधर उधर मवेशियों के बिखरे शव पड़े हुए थे। जिसे देख ग्रामीण विचलित हो गए। इस लापरवाही के शिकायत सोमनी थाने में दर्ज कराई गई हैं और जिम्मेदारों के उपर एफआईआर दर्ज करने की मांग ग्रामीणों ने की है।
पूर्व सरपंच राजेन्द्र यदु ने बताया कि, शनिवार को पांच और रविवार को छह मवेशियों की मौत भूख से हुई है। बघेरा के सरपंच, सचिव और ग्राम पटेल द्वारा कांजी हाउस की देखरेख की जा रही थी। इनके द्वारा ही गांव में मुनादी कर हर घर से महिने का दो सौ रूपए चंदा लिया जा रहा था। ताकि इस पैसे से मवेशियों के लिए चारा खरीदा जा सके। ग्रामीणों की माने तो इस पैसे का उपयोग चारे के लिए किया ही नही गया है। जिसके चलते आधा दर्जन मवेशियों ने भूख से दम तोड़ दिया।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि इससे पहले भी मवेशियों की मौत हो गई है। जिसके शव को पहले ठिकाना लगाकर गांव के सुनसान जगह पर फेंक दिया गया। लेकिन अब जब कांजी हाउस के अंदर मवेशियों के शव की बदबू उठने लगी, जब मामला तूल पकड़ा और शनिवार को ही ग्रामीणों ने सरपंच के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
एफआईआर करने की मांग ग्राम बघेरा में लावारिश पशुओं को तार घेरा कर रखा गया था, ताकि फसल को बचाया जा सके। इसके लिए गांव के लोगों से 200 /- रु. प्रति घर से लिया जाता है। जिसका संचालन ग्राम पटेल व ग्राम सचिव और सरपंच पति द्वारा किया जा रहा था। शिकायत में बताया गया है कि, दुर्जन लाल देवांगन ग्राम पटेल, सचिव राजकुमार देवांगन, सरपंच पति हरिश देशमुख के द्वारा संचालन किया जा रहा है।
बताया गया कि, 26 सितंबर 2026 को लगभग पांच लावारिश पशुओं की मृत्यु उक्त व्यक्तियों की लापरवाही के बिना चारा पानी के मौत हो गई। गांव के पूर्व सरपंच राजेन्द्र यदु, गोपाल देवांगन, त्रिलोक साहू, चुम्मन साहु, राजेन्द्र देवांगन आदि ने उक्त विषय को गंभीरता से लेते हुए जांच उपरांत दोषी व्यक्तियों के विरुध्द कार्यवाही की मांग की है।
नाली के बगल में नयी नाली, जर्जर यात्री प्रतीक्षालय और कार्यशाला भवन
डोंगरगांव। नगर पालिका डोंगरगांव क्षेत्र से सामने आई तस्वीरें यह सवाल खड़ा कर रहे हैं कि विकास कार्यों की योजना, गुणवत्ता और उपयोगिता की निगरानी आखिर किस स्तर पर हो रही है? एक ओर नाली निर्माण को लेकर गंभीर सवाल सामने आए हैं, दूसरी ओर यात्रियों की सुविधा के लिए बना प्रतीक्षालय जर्जर अवस्था में दिखाई दे रहा है और लाखों रुपये की लागत से निर्मित लेजी यूनिट के कार्यशाला भवन के उपयोग को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
जिला कांग्रेस कमेटी के सचिव विष्णु लोधी ने कहा कि जनता विकास के खिलाफ नहीं है, लेकिन जनता के पैसे से होने वाले ऐसे निर्माण चाहती हैं जो मजबूत हों, उपयोगी हों और वर्षों तक जनता के काम आएं। डोंगरगांव चौकी मार्ग पर जल निकासी की समस्या के समाधान के लिए नई नाली का निर्माण किया जा रहा है। पहले से बनी नाली सड़क से ऊंची होने के कारण पानी की निकासी प्रभावित हो रही थी।
ऐसे में सवाल यह है कि पुरानी नाली को तकनीकी रूप से सुधारने अथवा उसका लेवल ठीक करने के बजाय उसके बगल में नई नाली बनाना ही समाधान क्यों चुना गया? श्री लोधी ने कहा कि यदि पुराने निर्माण में तकनीकी कमी थी तो उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। जनता के पैसे से पहले एक निर्माण हो और समस्या दूर न होने पर उसके बगल में दूसरा निर्माण कर दिया जाए, तो इसकी तकनीकी और वित्तीय जांच होना जरूरी है।
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