अहमदाबाद: नवरात्रि के पावन अवसर पर अहमदाबाद का बंगाली समुदाय माँ दुर्गा के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। शहर में आस्था, पारंपरिक खान-पान, सांस्कृतिक आयोजनों और आपसी मेल-जोल के पाँच दिवसीय उत्सव की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। मणिनगर, चांदखेड़ा, सिंधु भवन रोड और गांधीनगर जैसे क्षेत्रों में बने भव्य दुर्गा पूजा पंडाल श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह खुलने जा रहे हैं।

इस वर्ष आयोजनों में पश्चिम बंगाल की कला और संस्कृति की खास झलक देखने को मिलेगी। सिंधु भवन रोड स्थित एएमसी ग्राउंड में ‘मायापुर इस्कॉन मंदिर’ की थीम पर एक विशाल पंडाल का निर्माण किया गया है। 170 फीट चौड़े, 65 फीट ऊँचे और 30 फीट गहरे इस ढांचे को पश्चिम बंगाल से आए कारीगरों ने बाँस और कपड़े की मदद से लगभग दो महीने की कड़ी मेहनत के बाद तैयार किया है। यहाँ स्थापित देवी की प्रतिमा पूरी तरह पर्यावरण-अनुकूल (इको-फ्रेंडली) है, जिसे केवल गंगा की मिट्टी से तैयार किया गया है। इसके अलावा, साहित्य प्रेमियों के लिए यहाँ एक ‘बंगाली पुस्तक मेला’ भी आयोजित किया जाएगा।

दूसरी ओर, चांदखेड़ा में आयोजित हो रही पूजा के दौरान पारंपरिक खान-पान और सांस्कृतिक रंगारंग कार्यक्रम मुख्य आकर्षण होंगे। उत्सव के दौरान आयोजित होने वाले ‘आनंदमेला’ में समुदाय की महिलाएँ घर के बने स्वादिष्ट शाकाहारी व्यंजन और पारंपरिक पकवान प्रस्तुत करेंगी।

शहर के विभिन्न पंडालों में आगामी दिनों में धुनाची नाच, सिंदूर खेला, ढाक की गूँज और पारंपरिक अनुष्ठानों का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। भले ही कई लोग कोलकाता की रौनक को याद कर रहे हों, लेकिन अहमदाबाद में रह रहे बंगाली समाज का मुख्य उद्देश्य अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहकर घर जैसी आत्मीयता के साथ माँ दुर्गा का अभिनंदन करना है।

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