Horse-cow Liver Tonic in Children Medicine: गुजरात (Gujarat) में मासूमों की सेहत से खिलवाड़ करने का शॉकिंग और सनसनीखेज मामला सामने आया है। सूरत में बच्चों की दवा में घोड़े-गाय का लिवर टॉनिक इस्तेमाल करने का मामला सामने आया है। मेडिकल स्टोर संचालक साजिद मुल्ला पशुओं का लिवर टॉनिक बच्चों की दवा हिमालया कंपनी के Liv.52 Drops के नाम पर बेच रहा था। मामले की जानकारी मिलने के बाद सूरत स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने फूड एंड ड्रग्स विभाग की टीम के साथ छापा मारा तो उसके भी होश उड़ गए। दुकान संचालक मोहम्मद साजिद इब्राहिम मुल्ला को गिरफ्तार कर लिया गया है। गुजरात पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

इस मामले में पुलिस ने आरोपी मोहम्मद साजिद मुल्ला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 123, 125, 336(2), 336(3), 336(4) और 278 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इसके अलावा, मेडिकल प्रैक्टिशनर एक्ट और फूड एंड ड्रग्स एक्ट के विभिन्न प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई की गई है।

जानकारी के मुताबिक गोपीपुरा मोमनावाड रोड स्थित शांतिनाथ मेडिकल स्टोर का संचालक मोहम्मद साजिद इब्राहिम मुल्ला है। फूड एंड ड्रग्स विभाग को पशुओं का लिवर टॉनिक बच्चों की दवा हिमालय कंपनी के Liv.52 Drops के नाम पर बेचने की जानकारी मिली। इसके बाद टीम ने छापा मारा। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पशुओं के लिए इस्तेमाल होने वाले हिमालय कंपनी के ‘Liv.52 Protec Liquid Animal Feed Supplement’ को छोटी बोतलों में भरकर बेचता था। यह उत्पाद एक लीटर और पांच लीटर के बड़े पैक में उपलब्ध था। आरोप है कि साजिद मुल्ला इन पैक से तरल निकालकर उसे 60 मिलीलीटर और 100 मिलीलीटर की छोटी बोतलों में भर देता था। इसके बाद बोतलों पर बच्चों के लिए इस्तेमाल होने वाले ‘Himalaya Liv.52 Drops 60 ml’ का स्टिकर लगा देता था।

इस तरह चला रहा था गोरख धंधा

जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, आरोपी छोटी बोतलों पर ऐसा स्टिकर लगाता था, जिससे ग्राहक उसे बच्चों के लिए इस्तेमाल होने वाला असली Liv.52 Drops समझें। पुलिस के अनुसार, दोनों उत्पादों का इस्तेमाल लिवर से जुड़ी जरूरतों के लिए होने के कारण ग्राहकों को कथित धोखाधड़ी का पता नहीं चलता था। आरोपी इसी समानता का फायदा उठाकर पशुओं के लिए बने लिक्विड को इंसानों की दवा बताकर बेचता था। पुलिस की पूछताछ में इस कथित कारोबार से होने वाले मुनाफे का भी खुलासा हुआ है। जानकारी के मुताबिक, पशुओं के लिए इस्तेमाल होने वाले एक लीटर के पैक की अधिकतम खुदरा कीमत (MRP) 330 रुपये थी। वहीं, इंसानों के उपयोग वाले 60 मिलीलीटर Liv.52 Drops की MRP 160 रुपये बताई गई है। आरोप है कि आरोपी बड़े पैक से छोटी बोतलें भरकर उन्हें बच्चों के ड्रॉप्स के नाम पर बेचता था। इस तरह एक लीटर के पैक से तैयार बोतलों को बेचकर वह करीब 660 रुपये या उससे अधिक की रकम वसूलता था।

1,000 बोतलें बेचने की बात कबूली

पुलिस के मुताबिक साजिद मुल्ला पिछले करीब एक साल से इस कथित अवैध कारोबार को चला रहा था। पूछताछ के दौरान उसके लगभग 1,000 बोतलें बेचने की बात सामने आने का दावा किया गया है। यदि यह आंकड़ा जांच में सही पाया जाता है, तो बड़ी संख्या में ग्राहक इस कथित धोखाधड़ी के दायरे में आए हो सकते हैं। हालांकि इसे खरीदने वाले लोगों की पहचान और उनकी संख्या की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।

बेटी की डिग्री और फार्मासिस्ट लाइसेंस के आधार पर शुरू किया नापाक धंधा

पुलिस के मुताबिक शांतिनाथ मेडिकल स्टोर करीब 20 साल पुराना है। पुलिस की जांच में दुकान के संचालन से जुड़े लाइसेंस का पहलू भी सामने आया है। साजिद मुल्ला की बेटी ने हाल ही में बी.फार्मा (Bachelor of Pharmacy) की पढ़ाई पूरी की थी। आरोप है कि बेटी की डिग्री और फार्मासिस्ट लाइसेंस के आधार पर मेडिकल स्टोर चलाया जा रहा था। अब जांच की जा रही है कि दुकान के संचालन में लाइसेंस से जुड़ी सभी शर्तों का पालन किया जा रहा था या नहीं।

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