छपरा/ पंकज श्रीवास्तव। सारण जिले के एकमा रेलवे स्टेशन के पूर्वी ढाला के पास बुधवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे के बाद अचानक भीषण आग लग गई। इस अचानक हुए हादसे की चपेट में आने से दो मोटरसाइकिलें, एक टोटो और सड़क किनारे स्थित एक लिट्टी-चोखा की दुकान पूरी तरह जलकर खाक हो गई। घटना के तुरंत बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के दुकानदारों व राहगीरों में दहशत का माहौल बन गया।

​कैसे हुआ हादसा और कैसे फैली आग?

​मिली जानकारी के अनुसार, एक युवक अपनी बाइक पर गैलन में पेट्रोल लेकर कहीं जा रहा था। इसी दौरान एकमा रेलवे स्टेशन के पूर्वी ढाला के समीप अचानक उसकी बाइक का संतुलन बिगड़ गया और वह तेज रफ्तार में सड़क पर गिर पड़ा। बाइक के गिरते ही उस पर रखा ज्वलनशील पेट्रोल बहकर सड़क किनारे बनी लिट्टी-चोखा की दुकान के जलते हुए चूल्हे में जा गिरा।
​धधकते चूल्हे के संपर्क में आते ही पेट्रोल ने पलक झपकत ही आग पकड़ ली और देखते ही देखते लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटें इतनी भयानक थीं कि पास में खड़ी दो अन्य मोटरसाइकिलें और एक सवारी टोटो भी इसकी जद में आ गए। देखते ही देखते लिट्टी-चोखा की दुकान समेत तीनों वाहन धूं-धूं कर जलने लगे और कुछ ही देर में पूरी तरह राख के ढेर में बदल गए।

​स्थानीय युवाओं की तत्परता से टला बड़ा हादसा

​घटना के समय मौके पर चीख-पुकार मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। हालांकि, आग की भीषणता को देखते हुए स्थानीय युवाओं ने अद्भुत साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। युवाओं ने बिना समय गंवाए मुस्तैदी दिखाते हुए आसपास से पानी और बालू का इंतजाम किया और आग को आगे बढ़ने से रोका। अगर युवाओं ने समय रहते यह हिम्मत न दिखाई होती, तो आग आसपास की कई अन्य दुकानों और आवासीय परिसर को भी अपनी चपेट में ले लेती।

​सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

​घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच-पड़ताल शुरू की। इस दर्दनाक हादसे ने खुले में पेट्रोल ले जाने और सड़क किनारे जलते चूल्हों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।