दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए 1 नवंबर से बड़ा कदम उठाया जाएगा। BS-4 या उससे कम उत्सर्जन मानकों वाले कमर्शियल वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर रोक रहेगी। हालांकि, CNG और बिजली से चलने वाले वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट दी जाएगी। गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। इस फैसले का उद्देश्य दिल्ली में प्रदूषण को नियंत्रित करने के प्रयासों को मजबूत करना है।

किन वाहनों पर लागू होगा प्रतिबंध?

गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस की ओर से जारी एडवाइजरी के अनुसार, दिल्ली में प्रवेश पर यह प्रतिबंध हल्के मालवाहक वाहनों (LGV), मध्यम मालवाहक वाहनों (MGV), भारी मालवाहक वाहनों (HGV), अन्य ट्रकों और बसों पर लागू होगा। एडवाइजरी में कहा गया है कि सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों के अलावा BS-4 उत्सर्जन मानकों वाली डीजल बसों और ट्रकों को भी छूट मिलेगी। वहीं, अखिल भारतीय पर्यटक परमिट (AITP) के तहत चलने वाले वाहनों और अन्य सेवाओं में इस्तेमाल होने वाले वाहनों पर भी प्रतिबंध लागू होगा। हालांकि, दिल्ली में पंजीकृत बसों को इस प्रतिबंध से छूट दी जाएगी।

ट्रैफिक पुलिस ने ट्रांसपोर्ट कारोबारियों को दी सलाह

गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने ट्रांसपोर्ट कारोबारियों, वाहन चालकों और बस संचालकों से अपने वाहनों के उत्सर्जन मानकों और रजिस्ट्रेशन से जुड़ी जानकारी की जांच करने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि दिल्ली में प्रवेश करने से पहले निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करें, ताकि प्रतिबंध के कारण किसी तरह की परेशानी न हो। एडवाइजरी के मुताबिक, ये उपाय वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और पर्यावरण की रक्षा के उद्देश्य से लागू किए जा रहे हैं।

दिल्ली सरकार ने जुलाई में जारी किए थे प्रदूषण नियंत्रण के दिशा-निर्देश

दिल्ली सरकार ने सर्दियों में बढ़ने वाले वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए जुलाई में कई अहम दिशा-निर्देश जारी किए थे। इनके तहत 1 नवंबर से सरकारी और निजी कार्यालयों में एक समय पर 50 फीसदी कर्मचारी ही दफ्तर से काम करेंगे, जबकि बाकी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करना होगा।

इसके अलावा, 1 नवंबर से 28 फरवरी तक वाहनों की पार्किंग फीस दोगुनी करने का भी प्रावधान किया गया है। सरकार ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत प्रदूषण बढ़ने पर लागू होने वाली विभिन्न पाबंदियों को पूरी सर्दियों के दौरान स्वतः लागू करने की घोषणा की थी। सरकार का तर्क है कि इस व्यवस्था से हर बार अलग-अलग आदेश जारी करने की जरूरत कम होगी और संबंधित विभाग प्रदूषण का स्तर बढ़ने पर रियल टाइम में कार्रवाई कर सकेंगे।

सर्दियों में बढ़ जाता है दिल्ली-NCR का प्रदूषण

सर्दियों के दौरान दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ जाता है, जिससे लोगों को सांस लेने और स्वास्थ्य संबंधी अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सरकार की ओर से हर साल कई कदम उठाए जाते हैं, लेकिन इनके प्रभाव को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

नई EV पॉलिसी भी लागू

दिल्ली सरकार ने राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए 1 जुलाई से नई इलेक्ट्रिक वाहन (EV) पॉलिसी 2.0 लागू की है। इसके तहत नए इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर सब्सिडी और विभिन्न प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया गया है। सरकार का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देकर प्रदूषण कम करने के प्रयासों को मजबूत करना है।

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