फरीदाबाद। हरियाणा के फरीदाबाद जिले के तिगांव में मुख्यमंत्री उड़नदस्ते (CM फ्लाइंग) की टीम ने एक वर्कशॉप पर छापेमारी कर अवैध रूप से गाड़ियों को बुलेटप्रूफ बनाने के बड़े खेल का पर्दाफाश किया है। टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि एक सामान्य दिखने वाले गैराज के अंदर महंगी गाड़ियों में बुलेटप्रूफ शीशे और सुरक्षा उपकरण लगाए जा रहे हैं। मौके पर पहुंची टीम को वर्कशॉप संचालक कोई वैध लाइसेंस या अनुमति पत्र नहीं दिखा सका, जिसके बाद कार्रवाई शुरू की गई।

छापेमारी के दौरान वर्कशॉप से दो स्कॉर्पियो-N और दो फॉर्च्यूनर गाड़ियां बरामद की गईं। इनमें से दोनों स्कॉर्पियो गाड़ियों में बुलेटप्रूफिंग का लगभग 70 फीसदी काम पूरा हो चुका था। हालांकि पुलिस ने गाड़ियों के मालिकों के नाम का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है, लेकिन वर्कशॉप में मौजूद व्यक्ति ने मीडिया के सामने दावा किया कि ये गाड़ियां बीजेपी से जुड़े लोगों की हैं, जिनमें से एक गाड़ी मंत्री के पीए की बताई जा रही है।

बिना गृह मंत्रालय की अनुमति के चल रहा था काम

सीएम फ्लाइंग के इंस्पेक्टर भगत सिंह ने स्पष्ट किया कि किसी भी वाहन को बुलेटप्रूफ बनाने का लाइसेंस केवल केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा जारी किया जाता है। हरियाणा में फिलहाल किसी भी निजी व्यक्ति या वर्कशॉप के पास ऐसा लाइसेंस मौजूद नहीं है। आमतौर पर यह अधिकार केवल वाहन निर्माता कंपनियों के पास ही होता है। प्रशासन अब गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन नंबर के जरिए उनके असली मालिकों की पहचान करने में जुटा है।

कार्रवाई के दौरान तिगांव थाना प्रभारी रणबीर सिंह भी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। टीम ने वर्कशॉप से बुलेटप्रूफिंग में इस्तेमाल होने वाले सामान को जब्त कर लिया है। पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि यह सामान किन कंपनियों से खरीदा गया था और क्या वे कंपनियां इसे बेचने के लिए अधिकृत थीं। संचालक से पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि यह नेटवर्क कब से चल रहा था और अब तक कितनी गाड़ियां तैयार की जा चुकी हैं।

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