फरीदाबाद। अब शिकायतों के निस्तारण के नाम पर सिर्फ फोटो अपलोड करने या कागजी कार्रवाई पूरी करने से काम नहीं चलेगा। अधिकारियों को मौके पर जाकर यह सत्यापित करना होगा कि शिकायत का वास्तव में समाधान हुआ है या नहीं। गलत या भ्रामक अनुपालना रिपोर्ट देने वाले अधिकारियों के मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा। शहरी विकास प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी ने मंगलवार को लघु सचिवालय में हुई 15वीं अंतर-एजेंसी समन्वय बैठक में ये निर्देश दिए।

बैठक में सड़क मरम्मत, पौधरोपण, जल संरक्षण, शोधित पानी के इस्तेमाल, पुराने जल चैनलों की जमीन के उपयोग और ठोस कचरा प्रबंधन सहित विभिन्न विकास परियोजनाओं की समीक्षा की गई। ढेसी ने कहा कि सरकार ने नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए पोर्टल, समाधान शिविर और शिकायत निवारण प्रणालियां बनाई हैं। इनका उद्देश्य लोगों को वास्तविक राहत देना है। इसलिए शिकायतों का तय समय में निस्तारण करने के साथ विकास कार्यों की गुणवत्ता की जांच भी मौके पर करनी होगी।

सड़क मरम्मत में गुणवत्ता की जांच जरूरी

बैठक में सड़कों के गड्ढे भरने और मरम्मत के दौरान तकनीकी मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए। गड्ढों की उचित सफाई, निर्धारित तकनीक से सामग्री डालने और उसे सही तरीके से दबाने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को मौके पर जाकर मरम्मत की गुणवत्ता जांचने को कहा गया।

गुरुग्राम में जेट पैचर मशीन से सड़क मरम्मत की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। विभिन्न एजेंसियों की सड़कों की मरम्मत के लिए एकीकृत प्रणाली अपनाने और सड़कों की स्थिति का नियमित रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए गए। इसमें लंबित शिकायतों और मरम्मत की जरूरतों का ब्योरा भी शामिल होगा।

पौधरोपण के बाद देखभाल और जल संरक्षण पर जोर

बैठक में एफएमडीए, एनएचपीसी और जिला प्रशासन से जुड़े पौधरोपण कार्यों की समीक्षा की गई। ढेसी ने पौधरोपण के साथ उनकी देखभाल पर ध्यान देने को कहा। निर्माण गतिविधियों के लिए समय-सीमा तय करने के निर्देश भी दिए गए।

पुराने जल चैनलों की जमीन पर विकसित हो सकती हैं सुविधाएं

एमआईटीसी के पुराने और अनुपयोगी जल चैनलों की जमीन पर ग्रीन बेल्ट, पौधरोपण और अन्य शहरी सुविधाएं विकसित करने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। इसके लिए चैनलों का विस्तृत मानचित्र तैयार करने और उसका मास्टर प्लान व सेक्टर प्लान से मिलान करने के निर्देश दिए गए।

तीन एसटीपी के शोधित पानी से सिंचाई की योजना

बादशाहपुर, मिर्जापुर और प्रतापपुर के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से निकलने वाले शोधित पानी का सिंचाई में इस्तेमाल बढ़ाने की योजना पर चर्चा हुई।

इसके लिए नहरों और डिस्ट्रीब्यूटरी तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था देखी जाएगी। पाइपलाइन कनेक्टिविटी, तकनीकी अनुमानों और वित्तीय व्यवस्था का भी आकलन किया जाएगा।

अवैध कचरा डंपिंग पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश

बैठक में दूसरे क्षेत्रों से कचरा लाकर फेंकने की समस्या पर भी चर्चा हुई। ढेसी ने नगर निगम, पुलिस और संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से अवैध कचरा परिवहन और डंपिंग पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने को भी कहा गया।

इसके साथ ही कचरे का पृथक्करण, प्रसंस्करण और वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m