बठिंडा के गांव दुनेवाला में शुक्रवार को किसानों ने प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया। दरअसल, धरने पर बैठे किसानों को हटाने के लिए पुलिस पहुंची थी, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
किसानों ने इसका विरोध किया, जिसके चलते पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है, और उच्च अधिकारी स्थिति का जायजा लेने पहुंचे हैं।
मुआवजे को लेकर विवाद
जिला प्रशासन ने बठिंडा के गांव दुनेवाला, शेरगढ़, और भगवानगढ़ की करीब 8 किलोमीटर जमीन अपने कब्जे में ले ली है। किसान इस जमीन के लिए 70 लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की मांग कर रहे हैं, जबकि प्रशासन ने 47 लाख रुपये प्रति एकड़ देने का प्रस्ताव दिया है। इस विवाद के चलते आज प्रशासन ने पुलिस की मदद से जमीन खाली करवाने की कोशिश की। पुलिस ने विरोध कर रहे किसानों को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।
किसानों का प्रशासन पर आरोप
किसान नेताओं का कहना है कि उनकी जमीन राष्ट्रीय परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित की गई है, लेकिन उन्हें उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा। किसानों ने आरोप लगाया कि प्रशासन जबरन पुलिस बल का इस्तेमाल कर उनकी जमीन का कब्जा ले रहा है। किसान नेताओं ने कहा कि अगर प्रशासन उन्हें उनका वाजिब मुआवजा दे देता, तो वे खुद ही अपनी जमीन सौंप देते।

किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन इसी तरह पुलिस बल की मदद से जमीनों पर कब्जा करता रहा, तो वे भी चुप नहीं बैठेंगे और अपने अधिकारों के लिए लड़ाई जारी रखेंगे।
- धारा 370 हटने के 7 साल पूरे, नितिन नबीन बोले- आज लाल चौक पर शान से लहरा रहा तिरंगा
- ‘जो नेता अपने नेता को जूता लगाए , वही कांग्रेस का परफेक्ट नेता’… कैलाश विजयवर्गीय का जीतू पटवारी पर तीखा तंज, MP की सियासत में मचा बवाल
- शिप्रा नदी के प्रदूषण पर भड़का संत समाज! उज्जैन से देवास पहुंचा अखाड़ा परिषद, कलेक्टर को दी चेतावनी
- रैपिडो बुक कर चाकू की नोक पर स्कूटी लूटने वाला शातिर गिरोह बेनकाब
- ऑस्ट्रेलिया ने भारत के खिलाफ 50 साल के अपने सबसे बड़े टेस्ट दौरे से पहले लिया एक चौंकाने वाला फैसला…

