सिरसा । बहू से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने उसके ससुर को 14 साल कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में DNA (डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक एसिड) जांच की रिपोर्ट अहम साबित हुई। शुरुआती जांच में पुलिस दुष्कर्म की पुष्टि नहीं कर पाई थी। बाद में DNA रिपोर्ट से मामले को महत्वपूर्ण सबूत मिला।

मामला रानियां क्षेत्र का है। घटना सितंबर 2018 की है। उस समय पीड़िता कॉलेज में पढ़ाई कर रही थी। उसकी शादी को अभी एक सप्ताह ही हुआ था। तभी उसके ससुर ने उसके साथ दुष्कर्म किया।

आधी रात को बहू के साथ की जबरदस्ती

पीड़िता ने पुलिस को बताया था कि 19 और 20 सितंबर 2018 की दरमियानी रात करीब साढ़े 12 बजे वह घर की लॉबी में चारपाई पर सो रही थी। उस समय उसका पति और जेठ घर से बाहर गए हुए थे। घर में उसकी सास और छोटी ननद भी मौजूद थीं।

पीड़िता के अनुसार, सोते समय अचानक उसकी आंख खुली तो उसके हाथ चुन्नी से बंधे हुए थे। मुंह पर भी कपड़ा रखा गया था। उसका ससुर उसके साथ अश्लील हरकतें कर रहा था। उसने विरोध किया और पैरों से उसे दूर करने की कोशिश की। लेकिन आरोपी ने जबरदस्ती उसके साथ दुष्कर्म किया।

शिकायत के बाद शुरू हुई पुलिस जांच

घटना के बाद पीड़िता अपनी बहन और जीजा के साथ पुलिस थाने पहुंची। उसने अपने ससुर के खिलाफ शिकायत दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

जांच के दौरान दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हो पाने के कारण मामला पेचीदा हो गया था। आरोपी ने भी आरोपों से इनकार किया। इसके बाद DNA जांच की रिपोर्ट सामने आई। रिपोर्ट ने मामले की जांच में अहम भूमिका निभाई।

अदालत ने सुनाई 14 साल की सजा

मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ADJ) डॉ. नरेश सिंगल की अदालत में हुई। सरकारी पक्ष की ओर से अधिवक्ता अमित मेहता ने पैरवी की। अदालत ने आरोपी ससुर को दुष्कर्म का दोषी ठहराते हुए 14 साल कैद की सजा सुनाई। साथ ही उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।

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