दिल्ली में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के तहत नोटिस पाने वाले अधिकांश प्रमुख मतदाताओं के विवरण का फील्ड वेरिफिकेशन पूरा कर लिया गया है। निर्वाचन अधिकारियों के मुताबिक, सत्यापन के बाद इन मतदाताओं के नाम आगामी अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए जाने के लिए सुरक्षित रखे गए हैं। नोटिस पाने वालों में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी (L.K. Advani), पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़(Jagdeep Dhankhar), विदेश मंत्री एस. जयशंकर(S. Jaishankar), दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता(Rekha Gupta) और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) समेत कई प्रमुख हस्तियां शामिल थीं। इनके गणना प्रपत्रों में अलग-अलग तरह की ‘विसंगतियां’ दर्ज होने के बाद नोटिस जारी किए गए थे।

अधिकारियों के अनुसार, कई मामलों में मतदाताओं का विवरण 2002 की पिछली SIR सूची से मैप नहीं हो पाया था। इसके बाद बूथ लेवल अधिकारियों ने संबंधित मतदाताओं के विवरण और जरूरी दस्तावेजों का मौके पर जाकर सत्यापन किया। सत्यापन पूरा होने के बाद उनके नाम अंतिम सूची में शामिल करने के लिए रखे गए हैं। दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को प्रकाशित की जानी है। निर्वाचन कार्यालय ने पहले भी स्पष्ट किया है कि SIR के दौरान नोटिस जारी होने का मतलब अपने-आप मतदाता सूची से नाम हटना नहीं है; नाम हटाने से पहले संबंधित मतदाता को सुनवाई और निर्धारित प्रक्रिया का अवसर दिया जाता है।

2002 के रिकॉर्ड से मैप नहीं होने पर मिले थे नोटिस

अधिकारियों के अनुसार, इनमें से अधिकांश प्रमुख मतदाताओं को दिल्ली में वर्ष 2002 में हुए पिछले SIR के रिकॉर्ड से ‘मैप नहीं होने’ के कारण नोटिस जारी किए गए थे। ऐसे ज्यादातर प्रमुख मतदाता नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र से जुड़े हैं। निर्वाचन अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) समेत निर्वाचन अधिकारियों की टीमों ने संबंधित मतदाताओं के घर जाकर उनके विवरण का सत्यापन किया। इस दौरान निर्वाचन आयोग की ओर से निर्धारित सहायक दस्तावेजों के आधार पर मतदाताओं की जानकारी की जांच की गई। फील्ड वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद इन मतदाताओं के नाम 4 नवंबर को प्रकाशित होने वाली दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए सुरक्षित रखे गए हैं। यानी नोटिस मिलने के बाद सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने पर उनके नामों को अंतिम सूची में शामिल करने की दिशा में आगे बढ़ा गया है।

प्रमुख हस्तियों को क्यों जारी किए गए थे नोटिस?

निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, निर्वाचन डेटाबेस में चिन्हित न्यायपालिका के सदस्यों, जनप्रतिनिधियों, संवैधानिक एवं घोषित पदों पर आसीन व्यक्तियों के अलावा कला, संस्कृति, पत्रकारिता, खेल और लोकसेवा समेत विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी प्रमुख हस्तियों को भी नोटिस जारी किए गए थे। अधिकारियों के मुताबिक, इन मतदाताओं के नाम 31 अगस्त को प्रकाशित ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल नहीं थे। SIR प्रक्रिया के दौरान उनके रिकॉर्ड में सामने आई विसंगतियों और पिछले रिकॉर्ड से मैपिंग नहीं होने के आधार पर संबंधित मतदाताओं को नोटिस देकर सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की गई।

33.13 लाख वोटर्स नोटिस के लिए चिन्हित

अधिकारियों के अनुसार, दावे और आपत्तियां दर्ज करने के चरण के दौरान संबंधित मतदाताओं से आवश्यक दस्तावेज हासिल करने के लिए नोटिस जारी किए गए थे। 31 अगस्त को प्रकाशित ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 97 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम शामिल हैं, जबकि करीब 33.13 लाख मतदाताओं के गणना प्रपत्रों में विसंगतियां मिलने के बाद उन्हें नोटिस के लिए चिन्हित किया गया है। नोटिस के लिए चिन्हित मतदाताओं में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जिनके विवरण का वर्ष 2002 में हुए पिछले SIR के दौरान तैयार मतदाता सूची से मिलान नहीं हो सका। ऐसे मामलों में संबंधित मतदाताओं से दस्तावेज मांगे गए हैं, ताकि उनके रिकॉर्ड का सत्यापन किया जा सके। वहीं, दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि किसी मतदाता को नोटिस जारी किए जाने का मतलब यह नहीं है कि उसका नाम मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा। नोटिस के बाद दस्तावेज और अन्य निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर दावे की जांच की जाती है। इसके बाद ही मतदाता का नाम अंतिम सूची में रखने या हटाने को लेकर निर्णय लिया जाता है।

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