सिरसा। त्योहारी सीजन के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने सैंपलिंग अभियान शुरू किया है। टीम ने एक सप्ताह में दूध के 14 और कुट्टू के आटे का एक नमूना लेकर जांच के लिए चंडीगढ़ स्थित प्रयोगशाला भेजा है। दशहरे के बाद जिले में मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब पहुंचेगी। इसके जरिए दूध, मावा, मिठाई, घी और अन्य खाद्य पदार्थों की शुरुआती जांच मौके पर की जा सकेगी। जांच के परिणाम 10 से 12 मिनट में मिल सकेंगे।

सिरसा और डबवाली में बढ़ेगी जांच

जिला डेजिग्नेटेड ऑफिसर डॉ. गौरव कुमार के निर्देश पर फूड सेफ्टी ऑफिसर डॉ. सुनील बिश्नोई के नेतृत्व में बाजारों और खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की जा रही है। विभाग अब प्रतिदिन सैंपलिंग अभियान चलाएगा।

सिरसा और डबवाली में दूसरे जिलों की विशेष टीमें भी जांच और छापेमारी कर सकती हैं। इस अभियान का उद्देश्य त्योहारों के दौरान बिकने वाले दूध, मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट पर अंकुश लगाना और लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।

बाजारों में घूमेगी मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब

एफएसओ डॉ. सुनील बिश्नोई ने बताया कि दशहरे के बाद मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब (एमएफटीएल) वैन निर्धारित शेड्यूल के अनुसार जिले में पहुंचेगी। इसके जरिए दूध, मावा, मिठाई, घी, खाद्य तेल और मसालों सहित रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों की मौके पर शुरुआती जांच की जाएगी।

मोबाइल लैब को बाजारों, बस स्टैंडों और अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में ले जाया जाएगा। इससे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की प्राथमिक जांच मौके पर ही संभव होगी। जांच के नतीजे 10 से 12 मिनट में मिल सकेंगे।

मिलावट की पुष्टि होने पर होगी कार्रवाई

मोबाइल लैब से शुरुआती जांच के साथ विभाग की नियमित सैंपलिंग भी जारी रहेगी। खाद्य पदार्थों के नमूने प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे जाएंगे। प्रयोगशाला की रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होने पर संबंधित खाद्य कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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