मनेंद्र पटेल, दुर्ग। जिले में एक तरफ दीपावली त्योहार की तैयारियां शुरू हो चुकी है। वहीं दूसरी तरफ खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। रायपुर से पहुंची खाद्य विभाग की टीम ने दुर्ग जिले में पनीर और मिठाई बनाने वाली फैक्ट्रियों में छापेमारी की तो कई जगह साफ-सफाई के दावों की पोल खुल गई। कहीं एक्सपायरी दूध मिला तो कहीं गंदगी के बीच पनीर और मिठाइयां तैयार की जा रही थी। खुले डस्टबिन, मकड़ी के जाले और अस्वच्छ वातावरण देखकर टीम ने खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए और संदिग्ध सामग्री को नष्ट कराने के निर्देश दिए।
दरअसल यह कार्रवाई खाद्य एवं औषधि सुरक्षा विभाग के छत्तीसगढ़ कमिश्नर दीपक अग्रवाल के नेतृत्व में की गई। टीम ने सबसे पहले भिलाई के छावनी क्षेत्र स्थित मां दुर्गा डेयरी में दबिश दी। जांच के दौरान वहां एक्सपायरी दूध मिला। इसके साथ ही पनीर बनाने की जगह पर साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब पाई गई। चारों तरफ गंदगी के बीच पनीर तैयार किया जा रहा था। खाद्य विभाग ने दूध और पनीर के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। वहीं तैयार पनीर और अन्य संदिग्ध खाद्य सामग्री को नष्ट कराने के निर्देश दिए गए हैं।

जांच के दौरान फैक्ट्री संचालक की ओर से दो लाइसेंस भी दिखाए गए, लेकिन अधिकारियों के मुताबिक लाइसेंस संबंधी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं थी। टीम ने स्वच्छता व्यवस्था सुधारने के निर्देश भी दिए। पाम ऑयल मिलाकर खाद्य सामग्री तैयार किए जाने की बात भी जांच के दौरान सामने आई है। संचालक जगमोहन यादव का कहना है कि उनकी फैक्ट्री में दूध, दही और पनीर का काम होता है और एनालॉग पनीर नहीं बनाया जाता। उन्होंने एक्सपायरी दूध मिलने और गंदगी के संबंध में विभाग के निर्देशों को स्वीकार किया तथा तैयार पनीर को नष्ट करने की कार्रवाई किए जाने की बात कही।
इसके बाद टीम बैकुंठ धाम स्थित मुस्कान फ़ूड फैक्ट्री पहुंची। यहां भी साफ-सफाई को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई। फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में सोनपापड़ी, मैसूर पाक और पेड़ा तैयार कर रखा गया था। दिवाली से पहले इन मिठाइयों को बाजार की दुकानों तक पहुंचाने की तैयारी थी। खाद्य विभाग ने मौके से सैंपल लिए और तैयार मिठाइयों को नष्ट कराने के निर्देश दिए।इसके बाद टीम ने गुप्ता जी लड्डू फैक्ट्री में भी जांच की। यहां स्थिति दूसरी जगहों की तुलना में बेहतर मिली, लेकिन साफ-सफाई को लेकर संतोषजनक व्यवस्था नहीं थी। अधिकारियों ने संचालक को तत्काल सफाई व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। फैक्ट्री में करीब डेढ़ क्विंटल लड्डू तैयार रखे थे, जिन्हें नष्ट कराने के निर्देश दिए गए।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिन फैक्ट्रियों में रोजाना बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री तैयार होकर बाजार और लोगों के घरों तक पहुंचती है, वहां इतनी गंभीर लापरवाही आखिर कैसे चल रही थी? इस कार्रवाई के लिए रायपुर से खाद्य विभाग की टीम को दुर्ग पहुंचना पड़ा। इससे स्थानीय स्तर पर खाद्य प्रतिष्ठानों की नियमित जांच और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। दिवाली के त्योहार से ठीक पहले हुई इस कार्रवाई ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि बाजार में बिक रही मिठाई और पनीर की चमक के पीछे कहीं गंदगी और लापरवाही तो नहीं छिपी है।
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