कुंदन कुमार, पटना। गंडक नदी में आई बाढ़ और कई जिलों में तटबंध टूटने की घटनाओं को लेकर सम्राट सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। जल संसाधन विभाग ने लगातार कई जगहों पर तटबंध क्षतिग्रस्त होने के बाद मरम्मत की कार्रवाई में लापरवाही बरतने वाले 7 अभियंताओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं, मुजफ्फरपुर के मुख्य अभियंता के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। सीएम सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बाढ़ की स्थिति को लेकर हुई समीक्षा बैठक के बाद इस कार्रवाई का आदेश दिया गया है।

इन 7 अभियंताओं पर गिरी गाज

जल संसाधन विभाग द्वारा जिन 7 अभियंताओं को निलंबित किया गया है। उनमें छपरा के कार्यपालक अभियंता संतोष कुमार प्रभाकर, गोपालगंज के कार्यपालक अभियंता मो. साजिद इकबाल, छपरा के सहायक अभियंता सुनील कुमार और विनोद कुमार तथा गोपालगंज के सहायक अभियंता मो. जावेद अंसारी शामिल हैं। इसके अलावा छपरा के कनीय अभियंता चंद्रशेखर कुमार और गोपालगंज के कनीय अभियंता विकास कुमार को भी निलंबित किया गया है।

वहीं, मुजफ्फरपुर के मुख्य अभियंता कुमार मनोज गुप्ता के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया गया है। उन पर चंपारण तटबंध के क्षतिग्रस्त होने और उसके बाद की जाने वाली आकस्मिक कार्रवाई में लापरवाही बरतने का आरोप है।

तेजी से घट रहा गंडक नदी का जलस्तर

विभाग का मानना है कि मैटिरियल और मैनपॉवर मौजूद होने के बावजूद भी तटबंध के क्षतिग्रस्त हिस्से को सही समय पर ठीक नहीं किया गया, जिसके बाद यह विभागीय कार्रवाई की गई है। वैसे अब गंडक नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है। लोगों को जल्द ही बाढ़ से निजात मिलने की उम्मीद है। लेकिन क्षतिग्रस्त बांध के टूटे हिस्से से अभी भी कई गांवों में पानी आ रहा है। विभाग ने अब अपने तरीके से काम करना शुरू किया है।

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