कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा में बिजली बिल से राहत देने के लिए सरकार सौर ऊर्जा पर जोर दे रही है। ग्रामीण परिवारों के घरों पर सोलर प्लांट लगाने की योजना बनाई जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि लोगों को हर महीने बिजली बिल भरने की परेशानी से राहत मिले। इसके लिए 2 किलोवाट क्षमता के सोलर प्लांट लगाने और पात्र उपभोक्ताओं को 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी का लाभ देने की बात कही गई है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ में बिजली निगमों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि लोगों को निर्बाध बिजली देना सरकार की जिम्मेदारी है। अधिकारियों को बिजली व्यवस्था सुधारने और उपभोक्ताओं की शिकायतों का जल्द समाधान करने के निर्देश दिए गए।

ग्रामीण परिवारों को 350 यूनिट बिजली देने की योजना

सरकार ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए सौर ऊर्जा आधारित योजना तैयार करना चाहती है। इसके तहत बिजली संयंत्रों से उत्पादित बिजली के जरिए परिवारों को 350 यूनिट तक बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था बनाने पर जोर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि घरों पर कम से कम 2 किलोवाट क्षमता के सोलर प्लांट लगाए जाएं। पात्र परिवारों को सब्सिडी का पूरा लाभ भी मिलना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि मॉडल सोलर विलेज योजना के तहत गरीब परिवारों के घरों पर सोलर प्लांट लगाए जा रहे हैं। इस योजना में गरीब परिवारों से कोई राशि नहीं ली जाएगी। सरकार का उद्देश्य सौर ऊर्जा का उत्पादन बढ़ाना और बिजली पर निर्भरता कम करना है।

5 लाख रुपये से अधिक आय वालों के लिए भी सब्सिडी

बैठक में सोलर प्लांट लगाने पर सब्सिडी देने के प्रावधानों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री के अनुसार, 5 लाख रुपये से अधिक आय वाले उपभोक्ताओं को सोलर प्लांट लगाने के लिए सरकार की ओर से 1 लाख रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। इसमें 22 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि देने का भी उल्लेख किया गया।

सरकार सरकारी भवनों को भी सौर ऊर्जा से जोड़ने की तैयारी कर रही है। बस स्टैंड, स्कूल, मेडिकल संस्थानों और मिनी सचिवालयों में सोलर प्लांट लगाने का काम किया जा रहा है। प्रदेश में बनाए जा रहे 248 नए स्कूल भवनों पर भी सोलर प्लांट लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

6105 गांवों में 24 घंटे बिजली सप्लाई

बिजली आपूर्ति को लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। बैठक में बताया गया कि म्हारा गांव जगमग गांव योजना के तहत प्रदेश के 6105 गांवों में 24 घंटे बिजली दी जा रही है। बाकी गांवों को भी इस योजना से जोड़ने का काम चल रहा है।

गुरुग्राम की ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों में महंगी बिजली मिलने की शिकायतों पर भी मुख्यमंत्री ने संज्ञान लिया। उन्होंने अधिकारियों को संबंधित रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) के साथ बैठक कर उचित व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। फरीदाबाद के औद्योगिक क्षेत्रों में भी निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया।

बिजली कर्मचारियों को हर महीने 500 रुपये जोखिम भत्ता

समीक्षा बैठक में बिजली कर्मचारियों के लिए भी अहम घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने उन्हें 500 रुपये मासिक जोखिम भत्ता देने की बात कही। इसके अलावा युवाओं की जॉब सिक्योरिटी से जुड़ी आवश्यक औपचारिकताएं एक सप्ताह में पूरी करने के निर्देश दिए।

गलत बिजली बिलों की शिकायतों के समाधान के लिए बेहतर नीति बनाने और हेल्पलाइन पर मिलने वाली शिकायतों का जल्द निपटारा करने को भी कहा गया।

सरकार ने बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए नई परियोजनाओं पर भी जोर दिया है। यमुनानगर में 800 मेगावाट का बिजली संयंत्र लगाने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। झज्जर और पानीपत में अतिरिक्त बिजली संयंत्रों की योजना पर भी काम होगा। हिसार के खेदड़ में एक और यूनिट लगाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

सरकार की इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य बिजली आपूर्ति को मजबूत करना, सौर ऊर्जा का उत्पादन बढ़ाना और उपभोक्ताओं को बिजली खर्च में राहत देना है। हालांकि, ग्रामीण परिवारों को 350 यूनिट बिजली और शून्य बिल का लाभ किन शर्तों पर मिलेगा, यह योजना के विस्तृत नियमों से स्पष्ट होगा।

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