गयाजी। एक तरफ इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण एलपीजी (LPG) संकट गहराने लगा है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय स्तर पर ईंधन की कालाबाजारी ने भी सिर उठाना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में गया जिला प्रशासन ने अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। बाराचट्टी थाना क्षेत्र में खनन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर करोड़ों की अवैध संपत्ति और भारी मात्रा में कोयला बरामद किया है।
दो रातों तक चला स्पेशल ऑपरेशन
जिलाधिकारी शशांक शुभंकर के निर्देश पर खनन विभाग और स्थानीय पुलिस ने एक विशेष रणनीति के तहत बाराचट्टी के चेटिया और भलूआ गांव में लगातार दो रातों तक सघन छापेमारी की। टीम के अचानक पहुंचने से इलाके में हड़कंप मच गया। जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि रिहायशी और सुनसान इलाकों में बड़े पैमाने पर अवैध कोयले का भंडारण किया गया था।
भारी मात्रा में संसाधन और कोयला बरामद
प्रशासनिक टीम ने मौके से लगभग 13,500 घनफीट अवैध कोयला जब्त किया है। छापेमारी के दौरान भंडारण स्थल से 5 हाइवा, 7 ट्रक-ट्रेलर, कई लोडर मशीनें और ट्रैक्टर भी बरामद किए गए। हालांकि, पुलिस की भनक लगते ही चालक और माफिया से जुड़े कर्मी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में सफल रहे।
डेढ़ करोड़ का जुर्माना और कानूनी शिकंजा
अवैध कारोबारियों पर कड़ा प्रहार करते हुए प्रशासन ने करीब 1.5 करोड़ रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया है। दोषियों की पहचान स्थल पर मिले साक्ष्यों के आधार पर की गई है। सभी आरोपियों के खिलाफ बाराचट्टी थाने में और बिहार खनिज नियमावली 2024 के कड़े प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
प्रशासन की चेतावनी: जारी रहेगी सख्ती
जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले में खनिज संपदा का अवैध खनन, परिवहन या भंडारण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई से माफिया तंत्र की कमर टूट गई है और आने वाले दिनों में जिले के अन्य संवेदनशील इलाकों में भी इसी तरह के अभियान चलाए जाएंगे।
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