गया। बेखौफ चोरों ने झारखंड पुलिस में तैनात एएसआई (जमादार) विनोद सिंह के किराए के मकान को अपना निशाना बनाया। चोरों ने शातिर तरीके से घर के अंदर रखे कैश और कीमती जेवरात पर हाथ साफ कर दिया। इस घटना में करीब 12 लाख रुपये की चोरी की बात सामने आ रही है। वारदात के दौरान परिवार के सदस्यों को सुन्न करने वाले किसी केमिकल या स्प्रे का इस्तेमाल किए जाने की भी आशंका जताई जा रही है।

​रेलवे टेक्नीशियन के भाई ने दी जानकारी

​पीड़ित परिवार के सदस्य विकास कुमार ने घटना की पूरी जानकारी देते हुए बताया कि उनके पिता विनोद सिंह वर्तमान में झारखंड पुलिस में एएसआई के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनका पूरा परिवार बैरागी मोहल्ले में सुरेंद्र सिन्हा के मकान में किराए पर रहता है। खुद विकास रेलवे में टेक्नीशियन के महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत हैं और घटना के वक्त वे घर से बाहर थे।
​घर पर उनके छोटे भाई पवन, विशाल और परिवार के अन्य सदस्य गहरी नींद में सो रहे थे। चोरों ने इसी सूनेपन और रात के सन्नाटे का फायदा उठाते हुए ठीक रात एक बजे से तीन बजे के बीच इस दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया। सुबह जब परिवार के लोगों की आंख खुली, तो उनके होश उड़ गए। कमरों का सारा सामान तितर-बितर पड़ा था और अलमारियां खुली थीं।

​2 लाख नकद और 10 लाख के जेवरात ले उड़े चोर

​विकास के मुताबिक, चोरों ने बड़ी सफाई से घर के कोने-कोने को खंगाला। अलमारी में रखे सोने की चेन, अंगूठियां, महिलाओं के कंगन और चांदी के अनमोल सिक्के चोर अपने साथ ले गए। इसके अलावा, शातिर चोरों ने रसोईघर में रखे इडली बनाने वाले बर्तन के अंदर बड़ी चालाकी से छुपाकर रखे गए 2 लाख रुपये नगद भी ढूंढ निकाले और उन्हें भी चुराकर फरार हो गए। इस प्रकार कुल मिलाकर करीब 12 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति की चोरी हुई है। इस बड़ी घटना के बाद से पूरे इलाके और पीड़ित परिवार के भीतर भारी दहशत का माहौल बना हुआ है।

​केमिकल स्प्रे की आशंका और अस्पताल में इलाज

​इस चोरी की सबसे खतरनाक बात यह रही कि पीड़ित परिवार ने आशंका जताई है कि वारदात को अंजाम देने से पहले चोरों ने कमरे में किसी जहरीले या बेहोशी वाले केमिकल का स्प्रे छिड़का था। सुबह उठने पर परिवार के कुछ सदस्यों को गंभीर सिरदर्द और लगातार चक्कर आने जैसी समस्याएं महसूस हुईं।
​हालत बिगड़ने पर छोटे भाई पवन को फौरन इलाज के लिए स्थानीय जयप्रकाश नारायण अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, डॉक्टरों की देखरेख में जांच और प्राथमिक उपचार के बाद वह सुरक्षित घर लौट आए, लेकिन पुलिस और स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा अभी तक आधिकारिक तौर पर किसी भी बेहोशी वाले स्प्रे के इस्तेमाल की पुष्टि नहीं की गई है।

​पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज खंगालने का दौर

​घटना की लिखित शिकायत तुरंत कोतवाली थाने में दर्ज कराई गई। सूचना पाकर कोतवाली पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची और मुआयना कर साक्ष्य जुटाए।
​कोतवाली थानाध्यक्ष धनंजय कुमार सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस इस हाई-प्रोफाइल चोरी की हर एंगल से गहनता से जांच कर रही है। आरोपियों का सुराग लगाने के लिए मोहल्ले और आसपास के रास्तों पर लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगाला जा रहा है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही तकनीकी सहायता और फुटेज के आधार पर चोरों की पहचान कर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।