गया के डेल्हा थाना क्षेत्र के बैरागी मोहल्ले में अपराधियों ने विकास मित्र और सामाजिक कार्यकर्ता शंकर मांझी की उनकी पत्नी के ठीक सामने गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। घटना की गंभीरता को देखते हुए बिहार सरकार के लघु सिंचाई मंत्री और ‘हम’ (हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा) पार्टी के प्रमुख डॉ. संतोष कुमार सुमन मंगलवार को सीधे पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया।

​मंत्री संतोष सुमन का पीड़ित परिवार को ढांढस

​मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने मृतक शंकर मांझी की पत्नी कविता देवी और उनके बच्चों से मुलाकात कर पूरी घटना की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने परिवार की माली हालत और आर्थिक स्थिति का भी जायजा लिया तथा अपनी तरफ से हरसंभव आर्थिक सहायता प्रदान की। इस दौरान मंत्री ने परिजनों से कहा कि दुख की इस भारी घड़ी में वे खुद को अकेला बिल्कुल न समझें, पूरी सरकार और वे खुद उनके साथ खड़े हैं।
​संतोष सुमन ने भावुक होते हुए कहा कि शंकर मांझी उनके लिए महज एक आम व्यक्ति या कार्यकर्ता नहीं थे, बल्कि परिवार के सदस्य के जैसे थे। वे समाज के उत्थान के लिए लगातार सक्रिय रूप से काम करते थे और एक समर्पित विकास मित्र के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे।

​पुलिस-प्रशासन से सख्त कार्रवाई

​पीड़ित परिवार से मिलने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री संतोष सुमन ने दो टूक शब्दों में कहा कि इस जघन्य हत्याकांड के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने पुलिस और प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और जल्द से जल्द सभी आरोपियों को कानून के शिकंजे में लाया जाए।
​मंत्री ने यह भी खुलासा किया कि बातचीत के दौरान उन्हें कुछ ऐसी महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं, जिन्हें सुनकर उन्हें खुद बेहद हैरानी हुई है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि वे अभी उन बातों को सार्वजनिक नहीं करना चाहते क्योंकि इससे पुलिस की चल रही जांच प्रभावित हो सकती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे इस पूरे मामले की खुद समीक्षा करेंगे और प्रशासन के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय चर्चा कर सुनिश्चित करेंगे कि अपराधियों को भारतीय संविधान और कानून के तहत अधिकतम और सबसे कड़ी सजा मिले।