गयाजी। जिले के कोठी थाना क्षेत्र अंतर्गत विकोपुर पंचायत से एक मामला सामने आया है। यहां एक सोशल एक्टिविस्ट को विकास कार्यों में कथित गड़बड़ियों का पर्दाफाश करना भारी पड़ गया है। आरोप है कि पंचायत के उप मुखिया ने वीडियो बनाने और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड करने से नाराज होकर एक्टिविस्ट को जान से मारने की धमकी दी है। इस घटना के बाद से पीड़ित परिवार बेहद खौफ और दहशत के साये में जीने को मजबूर है।

​खस्ताहाल सड़कों का वीडियो बनाना बना विवाद की जड़

​विकोपुर पंचायत के वार्ड निवासी और सामाजिक कार्यकर्ता आर.सी. खान (पिता- दिलशाद खान) ने हाल ही में क्षेत्र के विकास कार्यों और कथित अनियमितताओं को उजागर करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया था। इस वीडियो में गंगटी गांव की खस्ताहाल सड़कों, टूटी नालियों और बदहाल गलियों की स्थिति को प्रमुखता से दिखाया गया था। साथ ही, स्थानीय प्रशासन और मुखिया से जनहित में इन समस्याओं के तुरंत समाधान की मांग की गई थी।
​वीडियो के वायरल होते ही पंचायत के उप मुखिया संजू खान द्वारा पीड़ित पर लगातार दबाव बनाया जाने लगा कि वह वीडियो तुरंत डिलीट कर दे। जब आरसी खान ने वीडियो हटाने से साफ इनकार कर दिया, तो उप मुखिया ने कथित तौर पर फोन पर गंदी-गंदी गालियां दीं और महज दो दिन के भीतर गोली मारकर हत्या करने की खुली धमकी दी। इस गाली-गलौज और धमकी का एक ऑडियो भी सामने आया है, जिसे पीड़ित ने मीडिया के साथ साझा किया है।

​डरे-सहमे पीड़ित परिवार ने लगाई न्याय की गुहार

​आरसी खान का कहना है कि वे एक जागरूक नागरिक और मतदाता होने के नाते जनहित के मुद्दों को उठा रहे थे, लेकिन अब यह काम उनकी जान पर आ बना है। उन्होंने कोठी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, हालांकि पुलिस की ओर से अभी तक आधिकारिक तौर पर मामला दर्ज नहीं किया गया है।
​पीड़ित ने आशंका जताई है कि आरोपी संजू खान के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए उनके घर और परिवार की रेकी की जा रही है और कभी भी उनके साथ कोई अनहोनी हो सकती है। आरसी खान ने पुलिस प्रशासन से अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की कड़ी गुहार लगाई है।

​आरोपी उप मुखिया का पक्ष

​दूसरी ओर, इस पूरे मामले पर जब आरोपी उप मुखिया संजू खान से पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया, तो उन्होंने अपनी सफाई में कहा कि पंचायत में मनरेगा के तहत लगातार विकास कार्य करवाए जा रहे हैं और गंगटी में भी निर्माण कार्यों का प्रस्ताव पहले ही पास हो चुका है।
​संजू खान ने आरोप लगाया कि जमीनी हकीकत जाने बिना वीडियो बनाकर दुष्प्रचार करना और सस्ती लोकप्रियता हासिल करना सही नहीं है, इससे उनकी राजनीतिक छवि को धूमिल किया जा रहा है। हालांकि, जब उनसे गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने गोलमोल जवाब देते हुए कहा कि वह बात अब आई-गयी हो गई है और मामले को आपसी बातचीत से सुलझाया जा रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि विकास कार्य जारी रखने के एवज में कुछ लोगों द्वारा उनसे पैसों की मांग की गई थी, और पैसे न देने पर ही यह वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है।