पटना। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने मोकामा के राजनीतिक माहौल पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने सीधे तौर पर जदयू विधायक अनंत सिंह और एमएलसी प्रत्याशी अनुज सिंह का नाम लेते हुए समाज की प्राथमिकताओं और चुनावी संस्कृति को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
9 मर्डर की बात करने वाले को चुनता है समाज
सांसद पप्पू यादव ने अनंत सिंह पर तंज कसते हुए कहा कि जो व्यक्ति खुद खुलेआम 9-9 हत्याएं करने की बात स्वीकार करता है, दुर्भाग्य से समाज ऐसे ही लोगों को चुनाव जिताकर विधानसभा भेजता है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज के दौर में राजनीति का अपराधीकरण हो चुका है और जनता भी कहीं न कहीं ऐसे तत्वों को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या एक आपराधिक छवि के व्यक्ति को जनप्रतिनिधि चुना जाना समाज के लिए सही है।
’विधायक 40 करोड़ में और शिक्षक 10 हजार में बिकते हैं’
पप्पू यादव ने व्यवस्था पर तटीय प्रहार करते हुए कहा कि आज के समय में नैतिकता और ईमानदारी की कीमत बहुत कम रह गई है। उन्होंने दावा किया कि एक विधायक की कीमत बाजार में 40 करोड़ रुपये तक आंकी जाती है, जबकि ज्ञान और संस्कार देने वाला शिक्षक मात्र 10 हजार रुपये में बिक जाता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज लोग कुत्ते-बिल्ली से भी सस्ते दामों में बिकने को तैयार हो जाते हैं, जिससे लोकतांत्रिक मूल्य तार-तार हो रहे हैं।
एमएलसी प्रत्याशी अनुज सिंह पर गंभीर आरोप
अनंत सिंह के अलावा पप्पू यादव ने एमएलसी प्रत्याशी अनुज सिंह पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि अनुज सिंह ने अपनी ही बेटी पर जुल्म किया और लड़कियों को छेड़ने जैसे गंभीर कृत्यों में शामिल रहे हैं। उन्होंने जनता से सवाल किया कि क्या ऐसी पृष्ठभूमि वाले लोग जनता के वोटों के हकदार हैं?
पीएम मोदी और मंत्रिमंडल पर भी साधा निशाना
स्थानीय नेताओं के साथ-साथ पप्पू यादव ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी अपने निशाने पर लिया। उन्होंने पीएम मोदी से सवाल पूछते हुए कहा कि क्या उन्हें सबूत चाहिए? उन्होंने आरोप लगाया कि देश का पूरा मंत्रिमंडल एपस्टीन के कुकृत्यों के घेरे में फंसा हुआ है।

