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इंद्रपाल सिंह, इटारसी। बीते दो साल से कोविड महामारी के चलते अपने अभिभावकों को खो चुके एवं आर्थिक स्थिति से कमजोर बच्चों की सुध लेने आज होशंगाबाद कलेक्टर नीरज सिंह स्थानीय अधिकारियों के साथ इटारसी पहुंचे। जहां सबसे पहले कलेक्टर बच्चों की संस्था जीवोदय पहुंचे। उन्होंने संस्था प्रमुख से जानकारी लेते हुये बच्चों के हालचाल जाने।

इस दौरान एक बच्ची ऐसी दिखाई दी जिसके उपचार में पैसों की समस्या आ रही थी। कलेक्टर नीरज सिंह ने रेडक्रॉस के मद से तत्काल 40 हजार रुपये स्वीकृत किये। जिला अस्पताल में उस बच्ची का उपचार किया जायेगा। इस दौरान कलेक्टर ने बच्चों के पालन पोषण, शिक्षा और उनके सपनों को पूरा करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाएं जाने के निर्देश महिला एवं बाल विकास विभाग एवं बाल देखरेख से जुड़ी संस्था के पदाधिकारियों को दिए।

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जीवोदय संस्था में रहने वाली 18 वर्षीय बालिका ने कलेक्टर के सामने अपनी समस्या रखते हुये कहा कि मेरे माता पिता का निधन हो गया है। मैं हरदा की रहने वाली हूं। मेरे माता पिता के निधन के बाद मेरा कोई नही है। मुझे आगे पढ़ाई करना है,लेकिन मेरे पास दस्तावेज नहीं है। जिस कारण मुझे आगे पढ़ाई करने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कलेक्टर ने बालिका से कहा कि हरदा प्रशासन से बात कर मकान पर हक दिलाया जायेगा। पढ़ाई संबंधित दस्तावेज भी नियम अनुसार बनवाये जायेंगे।

जीवोदय संस्था में रह रहे बच्चों ने कलेक्टर सिंह के सामने मड़ई घूमने की इच्छा रखी, जिसपर उन्होंने बच्चों से कहा कि कोविड काल के बाद सभी बच्चों को मड़ई घुमाया जायेगा, साथ ही जंगल सफारी का सैर भी कराई जायेगी। कलेक्टर स्वयं बच्चों के साथ जंगल सफारी में शामिल होंगे। इस दौरान कलेक्टर डे केयर सेंटर के बच्चों के साथ ही पोटरखोली निवासियों से भी मिले। स्थानीय अधिकारियों को उनकी समस्या का समाधान करने के लिये उचित दिशा निर्देश दिये। करीब आधे घंटे तक कलेक्टर जीवोदय संस्था में रहे।

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