Technology Desk : Google ने अपने रियल-टाइम AI अनुभव को एक नया रूप देने का ऐलान किया है। कंपनी के नए Gemini Live with Live Avatar फीचर में AI सिर्फ आपकी आवाज सुनकर जवाब नहीं देगा, बल्कि कैमरे के जरिए विजुअल इनपुट समझकर आवाज और डिजिटल चेहरे के साथ रियल-टाइम बातचीत करने में सक्षम होगा।

Google के मुताबिक, Live Avatar को इस तरह डिजाइन किया गया है कि बातचीत के दौरान डिजिटल अवतार इंसानों की तरह चेहरे के हाव-भाव दिखा सके। इसके अलावा अवतार के होंठों की मूवमेंट बोले जा रहे शब्दों के साथ सिंक रहेगी, जिससे बातचीत ज्यादा स्वाभाविक महसूस हो सकती है।

AI सिर्फ सुनेगा नहीं, आपको देख भी सकेगा

इस तकनीक की खासियत इसका ऑडियो और विजुअल इनपुट को एक साथ प्रोसेस करना है। यानी यूजर कैमरा ऑन करके AI से बातचीत करते हुए उसे अपने सामने मौजूद व्यक्ति या किसी वस्तु को दिखा सकता है।

AI इन विजुअल इनपुट को समझकर उसी समय वॉयस और वीडियो के जरिए प्रतिक्रिया दे सकता है। इससे प्रोडक्ट डेमो, वर्चुअल असिस्टेंट और इंटरैक्टिव गाइड जैसे इस्तेमाल के नए रास्ते खुल सकते हैं।

बातचीत के बीच बैकग्राउंड में कर सकेगा काम

Live Avatar की एक और खासियत मल्टीटास्किंग बताई जा रही है। यूजर बातचीत के दौरान किसी जानकारी को चेक करने या कोई दूसरा टास्क पूरा करने के लिए कह सकता है।

ऐसे में AI बातचीत को पूरी तरह रोकने के बजाय बैकग्राउंड में जरूरी काम पूरा कर सकता है और फिर उसके नतीजे के साथ बातचीत जारी रख सकता है।

97 भाषाओं में बातचीत का दावा

Google के मुताबिक, Live Avatar 97 अलग-अलग भाषाओं में बातचीत को सपोर्ट करता है। खास बात यह है कि भाषा बदलने के साथ सिर्फ आवाज ही नहीं, बल्कि अवतार के होंठों की मूवमेंट और चेहरे के एक्सप्रेशन भी उसी भाषा के अनुरूप बदल सकते हैं।

यह फीचर खासतौर पर ऐसे बिजनेस के लिए उपयोगी हो सकता है, जिन्हें अलग-अलग भाषाओं में ग्राहकों के साथ बातचीत करनी होती है।

कंपनियां चुन सकेंगी Avatar का चेहरा और आवाज

बिजनेस यूजर्स को पहले से उपलब्ध कई चेहरों और आवाजों में से अपनी जरूरत के मुताबिक अवतार चुनने का विकल्प दिया जा सकता है।

इसके अलावा Google कंपनियों को अपनी ब्रांड पहचान के मुताबिक कस्टम अवतार बनाने की सुविधा भी दे रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, केवल एक हाई-क्वालिटी फोटो की मदद से कंपनी के लिए एक एनिमेटेड डिजिटल अवतार तैयार किया जा सकता है।

हालांकि, कस्टम अवतार की सुविधा फिलहाल सीमित कंपनियों के लिए उपलब्ध होने की बात कही गई है।

Customer Support से लेकर Product Demo तक इस्तेमाल
Live Avatar का इस्तेमाल केवल सामान्य बातचीत तक सीमित नहीं रहेगा। कंपनियां इसे कई तरह के कामों के लिए इस्तेमाल कर सकती हैं, जैसे:

कस्टमर सपोर्ट

वर्चुअल असिस्टेंट

प्रोडक्ट डेमो

सर्विस का इंटरैक्टिव वॉकथ्रू

ग्राहकों को रियल-टाइम जानकारी देना

इस तरह AI चैटबॉट से आगे बढ़कर एक ऐसे डिजिटल असिस्टेंट का रूप ले सकता है, जो देख, सुन और बोलकर यूजर से बातचीत करे।

Deepfake से बचाने के लिए SynthID

AI से तैयार वीडियो और ऑडियो के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए Google ने SynthID डिजिटल वॉटरमार्क का इस्तेमाल किया है। कंपनी के मुताबिक, AI से जनरेट किए गए ऑडियो और वीडियो में यह वॉटरमार्क शामिल रहेगा।

यह वॉटरमार्क इंसानी आंखों या कानों से दिखाई या सुनाई नहीं देता, लेकिन AI आधारित डिटेक्शन सिस्टम इसकी पहचान कर सकता है।

खास बात यह है कि वीडियो या ऑडियो को एडिट, ट्रिम या कंप्रेस किए जाने के बाद भी वॉटरमार्क को बनाए रखने के लिए इसे डिजाइन किया गया है। इसका उद्देश्य AI-generated कंटेंट की पहचान को आसान बनाना और डीपफेक के संभावित दुरुपयोग से निपटने में मदद करना है।

AI बातचीत का बदल सकता है तरीका

Live Avatar जैसे फीचर AI असिस्टेंट को सिर्फ टेक्स्ट या आवाज तक सीमित रखने के बजाय उसे ज्यादा विजुअल और इंटरैक्टिव बना रहे हैं। अगर यह तकनीक बड़े पैमाने पर अपनाई जाती है, तो कस्टमर सर्विस, ऑनलाइन डेमो और वर्चुअल असिस्टेंट जैसे क्षेत्रों में AI के इस्तेमाल का तरीका बदल सकता है।