अनुज पांडेय, ​गोपालगंज। गंडक नदी के विकराल होते रूप और जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि के बीच बुधवार की सुबह बैकुंठपुर प्रखंड में बड़ा हादसा हो गया। शीतलपुर और पकहा के बीच स्थित जमींदारी बांध अचानक टूट गया। बांध धंसते ही गंडक नदी का तेज बहाव निचले इलाकों की ओर रूख कर गया, जिससे शीतलपुर समेत कई गांवों में अफरातफरी का माहौल कायम हो गया। लोग अपना सामान और मवेशियों को लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे हैं।

​निचले इलाकों में तेजी से फैल रहा पानी

जमींदारी बांध के टूटने से पानी का प्रवाह बेहद तेज है। इसके कारण शीतलपुर, फैजुलाहपुर, खोमहारीपुर, सलेमपुर, नरवार, बहरामपुर, गम्हारी का आधा हिस्सा, बैकुंठपुर, चिउटहा फतेहपुर बसघाट, बंधौली और बनौरा गांवों में बाढ़ का सीधा खतरा मंडराने लगा है। कई निचले बस्तियों और कृषि खेतों में पानी प्रवेश कर चुका है, जिससे फसलों को भारी नुकसान की संभावना जताई जा रही है।

​सारण तटबंध पर बढ़ा दबाव, प्रशासन सतर्क

स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय अब मुंजा मटियारी के पास स्थित सारण तटबंध है। जमींदारी बांध टूटने के बाद सारा दबाव अब इस मुख्य तटबंध पर आ टिका है। जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों ने तटबंध पर निगरानी बढ़ा दी है और संवेदनशील बिंदुओं पर बालू की बोरियां गिराकर मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है।

​सारण जिले के कई प्रखंडों पर मंडराया खतरा

विशेषज्ञों और प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यदि मुंजा मटियारी के पास सारण तटबंध को नुकसान पहुंचता है, तो बाढ़ की यह तबाही केवल बैकुंठपुर तक सीमित नहीं रहेगी। इसका सीधा असर पड़ोसी जिले सारण (छपरा) पर पड़ेगा, जहां के पानापुर, मशरख, तरैया और मढ़ौरा प्रखंड जलमग्न हो सकते हैं।
​फिलहाल, जिला प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य की तैयारियां तेज कर दी गई हैं तथा लोगों से ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की जा रही है।