दिल्ली सरकार के लोक निर्माण मंत्री प्रवेश साहिब सिंह की अध्यक्षता में यूटी लेवल कोऑर्डिनेशन कमेटी की पांचवीं बैठक आयोजित की गई, जिसमें राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और दिल्ली सरकार (GNCTD) से जुड़े विभिन्न लंबित मुद्दों और आधारभूत संरचना परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य राजधानी में चल रही विकास परियोजनाओं की प्रगति का आकलन करना और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था। बैठक में लोक निर्माण विभाग (PWD), राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), दिल्ली पुलिस, नगर निगम (MCD), दिल्ली जल बोर्ड (DJB), दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA), राजस्व विभाग, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) और बीएसईएस (BSES) सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में राजधानी की महत्वपूर्ण परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति का आकलन किया गया और सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए कि वे बेहतर समन्वय के साथ कार्य करते हुए प्रक्रियागत बाधाओं को दूर करें। साथ ही आवश्यक स्वीकृतियों की प्रक्रिया में तेजी लाने और उन परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दिया गया, जिनका सीधा लाभ प्रतिदिन लाखों यात्रियों और नागरिकों को मिलने वाला है।
बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि राजधानी में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग को उसकी जिम्मेदारियां और समयसीमा स्पष्ट रूप से निर्धारित कर दी गई है। सरकार की प्राथमिकता विभागीय अड़चनों को समाप्त कर परियोजनाओं को तेज गति से आगे बढ़ाना है, ताकि दिल्लीवासियों को विकास कार्यों का लाभ जमीनी स्तर पर दिखाई दे। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी एजेंसियां परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों का समय रहते समाधान करें और नियमित समन्वय के माध्यम से विकास कार्यों की प्रगति सुनिश्चित करें। बैठक में भूमि संबंधी मामलों, यातायात प्रबंधन, उपयोगिताओं के स्थानांतरण और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गई।
बैठक में जलभराव की समस्या और प्रमुख परियोजनाओं की हुई समीक्षा
यूटी लेवल कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक में राजधानी के विभिन्न संवेदनशील इलाकों में जलभराव की समस्या पर विशेष रूप से चर्चा की गई। बैठक में एनएच-24 स्थित पटपड़गंज और पांडव नगर अंडरपास में बार-बार होने वाले जलभराव की विस्तृत समीक्षा की गई। इसके अलावा नौसेना भवन, थल सेना भवन, महिपालपुर टी-पॉइंट और आर एंड आर अस्पताल अंडरपास जैसे जलभराव प्रभावित स्थलों की स्थिति पर भी विचार-विमर्श हुआ। समीक्षा के दौरान समिति ने लोक निर्माण विभाग (PWD) और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को इन स्थानों पर जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी इंजीनियरिंग उपाय लागू करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि एनएच-24 से जुड़े संबंधित नाले की डीसिल्टिंग का कार्य PWD द्वारा पूरा किया जा चुका है। वहीं, NHAI को सड़क की ऊंचाई बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में अंधेरिया मोड़-एनएच-48 कॉरिडोर, रंगपुरी बाईपास टनल के लिए यूटिलिटी शिफ्टिंग, रोहतक रोड कॉरिडोर, सर्विस रोड और ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही चुनौतियों और लंबित कार्यों की जानकारी दी।
लंबित मामलों के शीघ्र समाधान पर जोर
बैठक में महिपालपुर फ्लाईओवर और परेड रोड/थल सेना भवन अंडरपास में जलभराव की समस्या पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इन स्थानों पर बार-बार होने वाले जलभराव को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के सलाहकारों को स्थायी समाधान के लिए विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही सभी संबंधित एजेंसियों को ड्रेनेज और सीवर नेटवर्क से जुड़े मुद्दों का संयुक्त रूप से समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक को संबोधित करते हुए लोक निर्माण मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि सरकार केवल अस्थायी उपायों के बजाय स्थायी इंजीनियरिंग समाधानों पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि चाहे एनएच-24 का क्षेत्र हो, महिपालपुर हो या राजधानी का कोई अन्य संवेदनशील स्थान, सरकार का उद्देश्य बेहतर योजना, मजबूत अंतर-विभागीय समन्वय और समयबद्ध क्रियान्वयन के जरिए नागरिकों को दीर्घकालिक राहत प्रदान करना है।
मंत्री ने कहा कि राजधानी की आधारभूत संरचना को मजबूत बनाने और नागरिक सुविधाओं में सुधार के लिए सभी विभागों को तय समयसीमा के भीतर अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को लंबित परियोजनाओं से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा करने के निर्देश दिए। बैठक में परियोजनाओं के तेज और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राजस्व विभाग को भूमि सीमांकन, म्यूटेशन तथा अन्य लंबित भूमि संबंधी औपचारिकताओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए।
टोल प्लाजा पर जाम कम करने पर सरकार का फोकस
यूटी लेवल कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए दिल्ली जल बोर्ड (DJB) को यूटिलिटी शिफ्टिंग, इन-प्रिंसिपल अप्रूवल और अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) से संबंधित लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए गए। समिति ने कहा कि आवश्यक स्वीकृतियों में देरी के कारण परियोजनाओं की गति प्रभावित नहीं होनी चाहिए और सभी संबंधित विभाग समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें।
बैठक में दिल्ली की सीमाओं पर स्थित MCD टोल प्लाजा के कारण लगने वाले यातायात जाम का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। समिति ने इस समस्या को राजधानी की यातायात व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और नगर निगम (MCD) को संयुक्त रूप से परिचालन संबंधी बाधाओं को दूर करने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया कि दिल्ली में प्रवेश करने वाले वाहनों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए समन्वित रणनीति तैयार की जाए, जिससे यात्रियों को राहत मिल सके।
इसके अलावा द्वारका एक्सप्रेसवे और अर्बन एक्सटेंशन रोड-II (UER-II) सहित विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों पर अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और यातायात प्रबंधन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हुए संबंधित एजेंसियों को प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। समिति ने दिल्ली पुलिस, NHAI और MCD को संयुक्त रूप से विशेष प्रवर्तन अभियान चलाने के लिए कहा, ताकि राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख मार्गों पर अवैध पार्किंग तथा अतिक्रमण को हटाया जा सके। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सड़क सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए और यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित एवं सुचारु बनाने के लिए समन्वित प्रयास किए जाएं।
विभिन्न विभागों के बीच समन्वय पर जोर
यूटी लेवल कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक में अर्बन एक्सटेंशन रोड-II (UER-II) के लगभग 30 किलोमीटर लंबे मार्ग पर एम्बुलेंस सेवाओं की उपलब्धता और आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। समिति ने संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए कि आपातकालीन सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जाए, ताकि दुर्घटना या किसी अन्य आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सके। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को हाईवे पेट्रोलिंग बढ़ाने तथा सभी संबंधित विभागों को अगली समीक्षा बैठक से पहले एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में सर्विस रोड, यूटिलिटी शिफ्टिंग, भूमि अधिग्रहण, बिजली कनेक्टिविटी, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के साथ समन्वय और अतिक्रमण हटाने से जुड़े लंबित मामलों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि नियमित निगरानी और बेहतर अंतर-विभागीय समन्वय के माध्यम से इन मामलों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की बाधा न आए।
बैठक के समापन पर लोक निर्माण मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है तेज क्रियान्वयन, बेहतर समन्वय और परिणाम आधारित कार्यशैली। उन्होंने कहा कि बैठक में लिए गए प्रत्येक निर्णय की नियमित समीक्षा की जाएगी और संबंधित विभागों की जवाबदेही तय की जाएगी, ताकि राजधानी की महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाएं तय समयसीमा में पूरी हो सकें।
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