Delhi-NCR GRAP-1: ठंड और त्योहारी सीजन शुरू होने के साथ ही दिल्ली-एनसीआर की हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंचने लगी है। इसी के साथ ही एक बार फिर दिल्ली में ‘वायु प्रदूषण’ (Delhi air pollution) लौट आया है। विजयादशमी के अगले दिन 22 अक्टूबर की सुबह दिल्ली के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है। दिल्ली की हवा जहरीली होने के बाद ग्रैप-1 लागू कर दिया गया है। रेखा गुप्ता सरकार ने दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ने के बाद ग्रैप-1 लागू कर दिया है। दिल्ली-एनसीआर में तत्काल प्रभाव (आज से) से GRAP-1 लागू हो गया है।
आज बुधवार सुबह करीब 9 बजे राजधानी में AQI 233 दर्ज किया गया था। इसे खराब कैटेगरी में रखा जाता है। लिहाजा इसे और त्योहारी सीजन को देखते हुए रेखा गुप्ता सरकार ने यह फैसला लिया है।
बता दें कि NCR के इलाकों में AQI तेजी से बढ़ रहा है। दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 20 अक्टूबर को 179 (‘मॉडरेट’ कैटेगरी) दर्ज किया गया था। लेकिन उसमें तेजी से बढ़ोतरी हुई और 21 अक्टूबर को सुबह 9 बजे 233 और दोपहर 2 बजे 244 दर्ज किया गया। इसके चलते यह कदम उठाया गया है। इसके अलावा, IMD/IITM के अनुमान में यह भी बताया गया है कि आने वाले दिनों में AQI ‘खराब’ कैटेगरी में ही रहेगा। आधी रात के आंकड़ों के मुताबिक बवाना में AQI 273, द्वारका सेक्टर-8 में 262, दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी में 248 और डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में 230 दर्ज किया गया। यह खराब श्रेणी में आता है।
दशहरा के बाद बढ़ी चिंता
दिल्ली में मंगलवार को दशहरा मनाया गया। इस दौरान कई जगह रामलीला के आयोजन हुए और रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले जलाए गए। कई जगह आतिशबाजी भी हुई. इसके बाद बुधवार सुबह हवा में धुंध और स्मॉग देखने को मिला है। सर्दी बढ़ने के साथ दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता आमतौर पर प्रभावित होती है। तापमान कम होने और हवा की रफ्तार कम रहने पर प्रदूषक हवा में फंस सकते हैं। इसके अलावा आसपास के राज्यों में पराली जलाने से निकलने वाला धुआं भी दिल्ली की हवा को प्रभावित करने वाला एक कारण है।
क्या होता है ग्रैप और इसे लागू क्यों किया जाता है
ग्रैप (GRAP – ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने वाली एक आपातकालीन कार्ययोजना है। यह AQI (वायु गुणवत्ता सूचकांक) के स्तर के आधार पर चार चरणों में लागू की जाती है। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर में हाल ही में ‘ग्रैप-1’ के नियम लागू किए गए हैं।
ग्रैप के चार चरण
- स्टेज-1 (AQI 201 से 300 – खराब हवा):
- सड़कों की नियमित सफाई और पानी का छिड़काव।
- निर्माण स्थलों पर एंटी-स्मॉग गन और धूल नियंत्रण के नियम।
- खुले में कचरा जलाने और होटल/रेस्टोरेंट के तंदूरों में कोयला-लकड़ी के इस्तेमाल पर रोक।
- डीजल जनरेटर के सामान्य उपयोग पर प्रतिबंध।
- स्टेज-2 (AQI 301 से 400 – बहुत खराब हवा):
- डीजल जनरेटर (DG Sets) के संचालन पर पूरी पाबंदी।
- निजी वाहनों का इस्तेमाल घटाने के लिए पार्किंग फीस में बढ़ोतरी।
- सड़कों पर धूल रोकने के लिए विशेष मशीन से पानी और एंटी-स्मॉग का छिड़काव।
- स्टेज-3 (AQI 401 से 450 – गंभीर हवा):
- गैर-जरूरी निर्माण और विध्वंस (C&D) कार्यों पर सख्त रोक।
- पुराने वाहनों (जैसे BS-3 पेट्रोल और BS-4 डीजल हल्के वाहन) के चलने पर पाबंदी।
- स्कूलों में बच्चों की आउटडोर गतिविधियों पर पाबंदी।
- स्टेज-4 (AQI 450 से ऊपर – अत्यंत गंभीर हवा):
- ट्रकों के दिल्ली में प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध (आवश्यक सेवाओं को छोड़कर)।
- उद्योगों और निर्माण गतिविधियों का पूरी तरह शटडाउन।
- सरकारी व निजी दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम या ऑड-ईवन जैसी आपात पाबंदियां।
SIR पर चुनाव आयोग में फूट! 10 महीने में 14 बार दो चुनाव आयुक्तों ने फैसलों पर जताई नाराजगी, जानकारी के बिना निर्णय लेने का लगाया आरोप
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

