उदंती अभ्यारण्य से ग्राउंड रिपोर्ट-2 : जंगल के कोर एरिया जब पहुँची टीम, तो उड़ गए देखकर होश, मौके से ओडिशा के तीन लोग गिरफ्तार !

गरियाबंद से राजनीतिक संपादक रूपेश गुप्ता और कैमरामैन रेखराम की विशेष रिपोर्ट

पहली रिपोर्ट जहाँ पर ख़त्म हुई थी, बात वहीं शुरू करते हैं. lalluram.com  की टीम उदंती अभ्यारण्य के कोर एरिया में प्रवेश कर चुकी थी. घने जंगल, वन्य जीवों के बीच, नदी-नालों को पार कर, तकरीबन 15 किलोमीटर की यात्रा कर अब हम उस हिस्से में प्रवेश कर चुके थे, जहाँ वन विभाग के अधिकारी भी पहली बार पहुँचे थे. हमने वहाँ पर जो कुछ देखा उसे देखकर हम चौंक गए ! हम हैरान रह गए यह जानकर की बफ़र ज़ोन में ऐसा कुछ भी चल रहा है ! हम अभी तक स्थानीय लोगों की शिकायतों पर विश्वास ही नहीं कर रहे थे, लेकिन जब हमने अपनी आँखों से देखा तो यह होश उड़ा देने वाला था.

दरअसल उदंती अभ्यारण्य के कोर क्षेत्र में घने जंगलों के बीच अवैध तरीके खेती हो रही है. पड़ोसी राज्य ओडिशा के घुसपैठियों ने जंगल को काटकर न सिर्फ़ साफ कर डाला है, बल्कि वहाँ वे दाल की खेती भी कर रहे हैं. टीम के साथ मौजूद स्थानीय रहवासियों ने बताया कि यह सिलसिला कई सालों से चल रहा है, इसकी शिकायत पूर्व से ही वन विभाग के पास थी. लेकिन कभी इस इलाके में कार्रवाई नहीं हुई. इसी दौरान यह भी पता चला कि इस मामलें में विभाग के अधिकारियों ने तीन लोगों को गिरफ़्तार किया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है.

जंगल के भीतर इन तमाम स्थितियों को देखकर, गाँव वालों से मिल रही नई जानकारियों को लेकर अब हमारी जिज्ञासा और बढ़ चुकी थी. हम उदंती अभ्यारण्य का हर वो सच जानना चाह रहे हैं, जो कि यहाँ राज की तरह दफ़्न है. हमने इस कोशिश में अपने कदम कुछ और आगे बढ़ा दिए. आगे की रिपोर्ट बाद में आगे बताएंगे.

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फिलहाल इस सफ़र के दौरान हमें ढेर सारी चुनौतियों के बीच से भी गुजरना पड़ा. नदी-नालों को पार करना हम शहरी लोगों के लिए आसान नहीं था, आसान घने जंगलों के बीच चलना भी नहीं था, डर वन्य जीवों और अन्य जीव-जंतु को लेकर भी…लेकिन इन सबके बीच हमारे बीच एक कठिन समस्या ये भी आई कि हम जो मिनरल वॉटर लेकर चल रहे थे वह रास्तें में पी चुके थे. अब प्यास बुझाने के लिए हमारे पास सिर्फ़ झरिया का पानी था. गाँव वालों की स्टाइल में हमने पानी पी और प्यास बुझाई. गले की प्यास तो बुझ गई थी, लेकिन ख़बर की प्यास नहीं. जंगल में और किस तरह से अमंगल हुए हैं, हो रहे हैं, यह जानने की ललक में हम तमाम चुनौतियों के बीच खोज़-बीन में जुटे रहें. इस पड़ताल से और क्या कुछ निकला यह आप ग्राउंड रिपोर्ट-3 में पढ़ेंगे.

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