अहमदाबाद: इंसान को इमरजेंसी के दौरान कृत्रिम सांस (CPR) देकर जान बचाने की खबरें तो अक्सर सुनने को मिलती हैं, लेकिन गुजरात के वलसाड जिले से एक बेहद अनोखी और दिल छू लेने वाली घटना सामने आई है। यहां वापी GIDC स्थित ईटीपी (ETP) प्लांट के पास एक स्नेक कैचर ने अपनी जान की परवाह किए बिना केमिकल के पानी में बेहोश पड़े 5 फुट लंबे सांप को मुंह से आर्टिफिशियल रेस्पिरेशन (कृत्रिम सांस) देकर नया जीवन दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, वापी के ईटीपी प्लांट के पास रसायन युक्त पानी में एक बिन-जहरीला धमण (रैट स्नेक) सांप रेंगते हुए पहुंच गया था। पानी में मौजूद जहरीले केमिकल्स और रसायनों की तेज गंध के संपर्क में आने से सांप का दम घुटने लगा और वह धीरे-धीरे अचेत होकर पानी में तैरने लगा।
इस घटना की सूचना तुरंत स्थानीय वन्यजीव रेस्क्यूअर और अनुभवी स्नेक कैचर संजय पवार को दी गई। सालों से बेजुबान जीवों का रेस्क्यू कर रहे संजय पवार बिना कोई देरी किए तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि सांप की हालत बेहद नाजुक है और वह सांस नहीं ले पा रहा है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संजय ने बिना समय गंवाए एक अभूतपूर्व फैसला लिया। उन्होंने बिना किसी झिझक के अपना मुंह सांप के मुंह से सटाया और उसे मुंह से सांस (CPR) देना शुरू कर दिया। संजय के इस निरंतर प्रयास से कुछ ही मिनटों में चमत्कार हुआ—सांप के शरीर में हलचल शुरू हुई, उसकी चेतना वापस आ गई और उसकी जान बच गई।
रेस्क्यू के बाद सांप को तुरंत पशु चिकित्सकों की देखरेख में ले जाया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उसे सुरक्षित प्राकृतिक आवास यानी जंगलों में छोड़ दिया जाएगा।
दूसरी ओर, केमिकल युक्त पानी के संपर्क में आने और रसायनों के अंश मुंह में चले जाने के कारण स्नेक कैचर संजय पवार को भी इंफेक्शन व एलर्जी का खतरा पैदा हो गया है। एहतियात के तौर पर उन्हें डॉक्टरों की 24 घंटे की मेडिकल निगरानी में रखा गया है। संजय के इस निडर, साहसी और जीवदया से भरे अनोखे कदम की सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय स्तर पर हर तरफ जमकर तारीफ हो रही है।
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