चंडीगढ़। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने पंजाब यूनिवर्सिटी में एमए पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन की परीक्षा देने के दौरान उनकी वायरल हुई तस्वीर को लेकर अब सफाई दिए हैं. उन्होंने कहा कि इसके पहले भी कई बार वह पेपर दिए हैं लेकिन कभी तस्वीर नहीं आई. यह उनके हाथ में नहीं था कि किसकी तस्वीर लेना है. यह हो सकता है कि मीडिया ने ली होगी.
फोटो विवाद पर चन्नी ने कहा कि वह इससे पहले भी करीब 20 बार परीक्षा दे चुके हैं, लेकिन कभी उनकी तस्वीर सामने नहीं आई. उनके मुताबिक, दिल्ली में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में शामिल नहीं होने की जानकारी मीडिया को थी, इसलिए इस बार परीक्षा देते हुए उनकी फोटो सामने आई. उन्होंने कहा कि उन्होंने परीक्षा के दौरान सभी नियमों का पालन किया है. लेकिन अब इस विषय को जबरदस्ती अलग दिशा में ले जाया जा रहा है.
वहीं इस मामले में पंजाब यूनिवर्सिटी के कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन प्रो. जगत भूषण ने स्पष्ट किया कि चन्नी की तस्वीर परीक्षा कक्ष के बाहर से ली गई थी. उनके सुरक्षाकर्मी भी परीक्षा केंद्र के बाहर ही मौजूद थे और सुरक्षा में किसी तरह की चूक नहीं हुई. विश्वविद्यालय ने यह भी बताया कि संबंधित परीक्षा कक्ष में सीसीटीवी कैमरा नहीं था.
इन लोगो ने की थी आपत्ति
आपको बता दें कि तस्वीर सामने आने के बाद परीक्षा केंद्र में नियमों के पालन को लेकर सवाल उठे. चंडीगढ़ के पूर्व मेयर और पंजाब यूनिवर्सिटी के पूर्व सीनेटर देवेश मोंगिल ने मामले की जांच की मांग करते हुए सवाल किया था कि परीक्षा कक्ष के अंदर तस्वीर कैसे खींची गई और क्या किसी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को अंदर ले जाने की अनुमति थी.
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