गुरुग्राम। दिल्ली के मालवीय नगर में आग लगने की घटना के बाद गुरुग्राम में भी अग्नि सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। शहर में होटल, पीजी और रेस्टोरेंट समेत 1,278 इमारतों में फायर सेफ्टी इंतजामों की जांच की जा रही है। सर्वे के दौरान कई भवनों में सुरक्षा मानकों की खामियां मिली हैं। फायर विभाग अब तक 993 नोटिस जारी कर चुका है। इसके बावजूद सुधार नहीं करने वाले भवन मालिकों को रिमाइंडर भेजे जा रहे हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि तीसरे नोटिस के बाद भी कमियां दूर नहीं हुईं तो संबंधित मामलों में सिविल कोर्ट का रुख किया जाएगा।
गुरुग्राम में तेजी से बढ़ती व्यावसायिक गतिविधियों के बीच पुरानी और अनधिकृत इमारतों में होटल, पीजी और रेस्टोरेंट चलने से अग्नि सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। आग लगने की स्थिति में ऐसी इमारतों में लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है।
सातों फायर स्टेशन के क्षेत्रों में सर्वे
फायर विभाग ने शहर के सातों फायर स्टेशनों के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में सर्वे कराया है। जांच के दौरान कहीं आग बुझाने के उपकरण नहीं मिले, तो कहीं जरूरी अग्नि सुरक्षा इंतजाम नदारद पाए गए।
विभाग का कहना है कि भवन मालिकों को अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन करने के लिए नोटिस दिए जा रहे हैं। जिन लोगों ने नोटिस मिलने के बाद भी कमियां दूर नहीं की हैं, उन्हें रिमाइंडर भेजे जा रहे हैं। अब ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
तीसरे नोटिस के बाद सिविल कोर्ट जाएगा विभाग
फायर अधिकारी नरेंद्र यादव के अनुसार, नियमों का पालन नहीं करने वाले भवन मालिकों को पहले, दूसरे और फिर तीसरे नोटिस जारी करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इसके बाद भी अग्नि सुरक्षा की कमियां दूर नहीं हुईं तो संबंधित मामलों में सिविल कोर्ट का रुख किया जाएगा।
विभाग का जोर अब केवल नोटिस जारी करने तक सीमित रहने के बजाय भवनों में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर है। इसका उद्देश्य आग लगने की स्थिति में जान-माल के नुकसान का खतरा कम करना है।
फायर सेफ्टी सिस्टम होने पर भी क्यों नहीं मिल रही NOC?
जांच में कुछ ऐसी इमारतें भी सामने आई हैं, जहां फायर सेफ्टी सिस्टम लगाए गए हैं, लेकिन नक्शा पास नहीं होने या अन्य खामियों के कारण उन्हें फायर एनओसी नहीं मिल पा रही है। ऐसी स्थिति में नगर निगम से जरूरी मंजूरी लेना आवश्यक है।
फायर विभाग के सामने उन इमारतों के खिलाफ कार्रवाई भी चुनौती है, जो फायर एक्ट के दायरे में नहीं आतीं। अधिकारी के मुताबिक, ऐसी इमारतों के खिलाफ संबंधित विभाग अपने नियमों के तहत कार्रवाई कर सकते हैं।
विभाग का लक्ष्य भवनों में अग्नि सुरक्षा के इंतजामों को दुरुस्त कराना है, ताकि किसी घटना की स्थिति में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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