गुरुग्राम। मानेसर थाना क्षेत्र में 13 साल की नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने चार आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने तीन दोषियों को पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, चौथे दोषी को IPC की धारा 365/34 के तहत 5 साल का कठोर कारावास दिया गया है।
2021 में दर्ज हुआ था मामला
जानकारी के मुताबिक, 18 नवंबर 2021 को एक महिला ने महिला थाना मानेसर में शिकायत दी थी। उसने बताया कि 17 नवंबर को उसकी 13 वर्षीय बेटी के साथ चार लड़कों ने नाहरपुर स्थित एक कमरे में दुष्कर्म किया।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट की धारा 6 और IPC की धारा 376(3) के तहत केस दर्ज किया था। जांच के दौरान मामले में IPC की धारा 376(D), 365 और 34 भी जोड़ी गईं।
फिरोजाबाद के रहने वाले हैं चारों दोषी
पुलिस ने मामले में पवन, आदेश और अतुल को गिरफ्तार किया था। तीनों उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के कुंजपुरा के रहने वाले हैं। चौथा आरोपी अनमोल फिरोजाबाद जिले के नंगला लेखराज का निवासी है।
अभियोजन पक्ष ने अदालत में गवाह और सबूत पेश किए। इनके आधार पर अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी करार दिया। मामले की सुनवाई एडिशनल सेशन जज डॉ. सुनीता ग्रोवर की अदालत में हुई।
किस दोषी को कितनी सजा मिली?
अदालत ने पवन और अतुल को पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 20-20 साल के कठोर कारावास और 30-30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। दोनों को IPC की धारा 365/34 के तहत भी 5-5 साल का कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया।
वहीं, आदेश को पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 20 साल के कठोर कारावास और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। अनमोल को IPC की धारा 365/34 के तहत 5 साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई।
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