कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। ग्वालियर हाईकोर्ट में लाड़ली बहना योजना से जुड़ी एक जनहित याचिका दायर की गई है। यह याचिका पूर्व पार्षद सुधा दुबे ने लगाई है। उनका कहना है कि इस याचिका के पीछे उनका मकसद सिर्फ इतना है कि सरकार यह बताएं कि वह लाडली बहना योजना का जो क्रियान्वयन कर रही है, उससे सरकार पर कितना आर्थिक बोझ आ रहा है, उसकी व्यवस्था कैसे की जा रही है।

पूर्व पार्षद सुधा दुबे का ने कहा कि सरकार यह भी बताएं कि सरकार कहती है कि इस योजना के जरिए महिलाओं का सशक्तिकरण किया जा रहा है तो वह योजना की पात्र हितग्राही महिलाओं का आंकड़ा बताएं की कितनी महिलाएं अभी तक सशक्त हुई है। इसके साथ ही उन्होंने सरकार के मंत्रियों पर भी निशाना साधा है। सुधा दुबे का कहना है कि सरकार के कुछ मंत्री कह रहे हैं कि पोर्टल खुल रहा है कुछ मंत्री कह रहे हैं कि पोर्टल फिलहाल खोले जाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। ऐसे में सरकार अपनी मंशा स्पष्ट करें।

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नाम जोड़ने फिर खुलेगा पोर्टल- मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल

गौरतलब है कि स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा था कि मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना योजना में नाम जोड़ने के लिए फिर पोर्टल खुलेंगे। सीएम डॉ मोहन यादव ने घोषित किया है निकट भविष्य में इस योजना से बची महिलाओं के नाम जोड़े जाएंगे। मुख्यमंत्री ने योजना से छूटे हुए नामों का आंकलन करने के निर्देश दिए है। कितनी महिलाएं बची हुई है, उनके आंकलन करने के आंतरिक निर्देश सीएम ने दिए है।

किन महिलाओं को मिलता है योजना का लाभ

  • मध्यप्रदेश की स्थानीय निवासी महिलाओं को पात्रता के दायरे में रखा गया है।
  • इसमें विवाहित महिलाओं के साथ विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाएं भी शामिल हैं।
  • आयु संबंधी प्रावधान के अनुसार, आवेदन के कैलेंडर वर्ष की 1 जनवरी को महिला की आयु 21 वर्ष पूर्ण होनी चाहिए
  • और 60 वर्ष से कम होनी चाहिए।
  • योजना का लाभ निर्धारित पात्रता एवं लागू नियमों के अनुसार दिया जाता है।
  • परित्यक्ता महिलाओं को भी इसमें शामिल किया गया है।

जून 2023 से लगातार मिल रहा लाभ

10 जून 2023 को पहली किस्त 1 हजार रुपए महिलाओं के खाते में ट्रांसफर की गई। चौथे महीने में ही यानि 10 सितंबर 2023 को राशि 1 हजार से बढाकर 1250 कर दी गई। 12 नवंबर 2025 को राशि 1500 रुपए कर दी गई। योजना की शुरुआत जून 2023 में 1.25 करोड़ महिलाओं के साथ हुई थी, अक्टूबर 2026 तक 41 किश्तें नियमित रूप से दी जा चुकी हैं। अगस्त 2023, 2024, 2025 और 2026 में 250-250 रुपये की विशेष सहायता भी चार बार दी गई। सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना में 23,882.81 करोड़ रुपये का बजट रखा है।

योजना का उद्देश्य

गौरतलब है कि महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना, उनके स्वास्थ्य व पोषण स्तर में निरंतर सुधार करना और परिवार के निर्णयों में उनकी भूमिका को सशक्त करने के उद्देश्य से इस योजना की शुरुआत की गई। इसके माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे अपनी जरूरतों को पूरा के साथ ही परिवार की आर्थिक गतिविधियों में भी भागीदारी निभा सकें।

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