हरियाणा में 45 प्रतिशत स्थायी शारीरिक दिव्यांगता वाले सरकारी कर्मचारी सतिंद्र पाल को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से राहत मिली है। अदालत ने उन्हें 58 साल की उम्र पूरी होने के बावजूद फिलहाल नौकरी में बने रहने की अनुमति दी है। राज्य सरकार ने उन्हें 30 अक्टूबर 2026 को रिटायर करने का आदेश दिया था। अब मामले की अगली सुनवाई 8 मार्च 2027 को होगी।
सुप्रीम कोर्ट में लंबित है मामला
सतिंद्र पाल की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस निधि गुप्ता की पीठ ने अंतरिम राहत दी। दिव्यांग कर्मचारियों की रिटायरमेंट उम्र को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित है। इसी को देखते हुए हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक सतिंद्र पाल को 58 साल की उम्र पूरी होने के आधार पर रिटायर नहीं किया जाए।
दूसरे कर्मचारियों को भी मिली है राहत
सुनवाई के दौरान कर्मचारी के वकील ने बताया कि इसी तरह के मामलों में दूसरे कर्मचारियों को भी अंतरिम राहत दी जा चुकी है। इसी आधार पर सतिंद्र पाल को नौकरी में बनाए रखने की मांग की गई। याचिका में अंतिम फैसला आने तक वेतन और अन्य सेवा लाभ देने का अनुरोध भी किया गया।
8 मार्च 2027 को होगी अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने 26 अगस्त 2026 को अनिल कुमार बनाम हरियाणा राज्य मामले में दिए गए आदेश के अनुरूप नोटिस जारी किया। हरियाणा सरकार की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा गया है। अब अगली सुनवाई 8 मार्च 2027 को होगी।
फिलहाल अदालत का आदेश सतिंद्र पाल को राहत देता है। हालांकि, यह अंतरिम आदेश है। दिव्यांग कर्मचारियों की रिटायरमेंट उम्र को लेकर अंतिम स्थिति आगे की सुनवाई और संबंधित मामलों में आने वाले फैसलों पर निर्भर करेगी।
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