कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा के किसानों के लिए एक छोटी रकम बड़ी राहत का जरिया बन सकती है। हरियाणा में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से जुड़े पात्र किसानों को दुर्घटना बीमा का लाभ देने की योजना है। इसके तहत दुर्घटना में मृत्यु या गंभीर स्थायी विकलांगता होने पर अधिकतम 50 हजार रुपये तक का बीमा कवर मिल सकता है। खास बात यह है कि किसान को सालाना प्रीमियम में केवल 63 पैसे देने होंगे।
हालांकि, इस योजना का लाभ हर किसान को नहीं मिलेगा। इसके लिए किसान का KCC हरियाणा राज्य सहकारी अपेक्स बैंक (हरको बैंक) के माध्यम से बना होना जरूरी है। बीमा राशि भी दुर्घटना में हुए नुकसान की श्रेणी और योजना की शर्तों के आधार पर तय होगी।
हरको बैंक ने की योजना लागू करने की घोषणा
हरको बैंक ने वित्त वर्ष 2026 के लिए दुर्घटना बीमा योजना लागू करने की घोषणा की है। इसके तहत करीब 5 लाख पात्र KCC धारक किसानों को एक साल के लिए बीमा सुरक्षा देने का लक्ष्य रखा गया है।
योजना को लागू करने के लिए हरको बैंक ने केंद्रीय सहकारी बैंकों और इफको-टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी के साथ समझौता किया है। इसका उद्देश्य दुर्घटना के कारण किसान या उसके परिवार पर आने वाले आर्थिक संकट को कुछ हद तक कम करना है।
किस स्थिति में मिलेंगे 50 हजार रुपये?
बीमा राशि दुर्घटना में हुए नुकसान के अनुसार मिलेगी। योजना में बताई गई शर्तों के मुताबिक, दुर्घटना में दोनों हाथों, दोनों पैरों या दोनों आंखों को नुकसान होने पर 50 हजार रुपये तक का बीमा कवर मिल सकता है। एक हाथ, एक पैर या एक आंख को नुकसान पहुंचने की स्थिति में 25 हजार रुपये तक की राशि का प्रावधान बताया गया है।
दुर्घटना में मृत्यु या स्थायी विकलांगता के मामलों में भुगतान पात्रता और बीमा की शर्तों के अनुसार होगा। इसलिए किसानों को यह समझना जरूरी है कि 50 हजार रुपये हर दुर्घटना में मिलने वाली तय राशि नहीं है।
सालाना प्रीमियम में किसान को देने होंगे सिर्फ 63 पैसे
इस योजना की एक खास बात इसका बेहद कम प्रीमियम है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एक किसान के लिए सालाना प्रीमियम 1.90 रुपये निर्धारित किया गया है।
इसमें से 1.27 रुपये हरको बैंक और संबंधित केंद्रीय सहकारी बैंक मिलकर देंगे। किसान के हिस्से में केवल 63 पैसे आएंगे। यानी बेहद कम रकम देकर पात्र किसान दुर्घटना बीमा का लाभ ले सकते हैं।
दुर्घटना के 120 दिन के भीतर देना होगा दावा
दुर्घटना होने पर बीमा का दावा करने के लिए समय-सीमा का ध्यान रखना जरूरी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, घटना के 120 दिन के भीतर संबंधित बैंक शाखा या बीमा कंपनी को लिखित सूचना देनी होगी। इसके साथ जरूरी दस्तावेज भी जमा करने होंगे।
मृत्यु के मामले में पुलिस रिपोर्ट या एफआईआर और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मांगी जा सकती है। स्थायी विकलांगता के मामले में संबंधित प्रमाणपत्र देना पड़ सकता है। इसके अलावा कानूनी उत्तराधिकारी से जुड़े दस्तावेज और KCC खाते की जानकारी भी जरूरी हो सकती है।
किसान पहले अपनी पात्रता की पुष्टि करें
इस योजना का लाभ लेने से पहले किसानों को अपनी KCC शाखा से पात्रता और बीमा की मौजूदा शर्तों की पुष्टि करनी चाहिए। उन्हें यह भी पता करना चाहिए कि बीमा कवर कब से लागू है और दावा करने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं।
ध्यान दें: योजना की पात्रता, बीमा राशि और दावा प्रक्रिया की अंतिम पुष्टि हरको बैंक या संबंधित बीमा कंपनी से जरूर करें।
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