कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा में दूध के खरीद भाव और कीमत बढ़ाने की मांग को लेकर पशुपालकों और किसानों ने तीन दिन तक दूध की सप्लाई रोकने का फैसला किया है। 1 अक्टूबर से शुरू होने वाला यह अभियान 3 अक्टूबर तक जारी रहेगा। इस दौरान पशुपालकों से दूध बेचने और सप्लाई नहीं करने की अपील की गई है।

पशुपालकों का कहना है कि मौजूदा खरीद भाव के मुकाबले दूध उत्पादन पर होने वाला खर्च लगातार बढ़ रहा है। पशुओं के चारे, दवाइयों और देखभाल समेत अन्य खर्च बढ़ने के कारण वे दूध के बेहतर दाम की मांग कर रहे हैं। इसी मांग को लेकर तीन दिन तक दूध की सप्लाई बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

इस अभियान में केवल हरियाणा के भीतर होने वाली सप्लाई ही प्रभावित नहीं होगी। पशुपालकों की ओर से पंजाब और राजस्थान की तरफ जाने वाली दूध की सप्लाई भी रोकने की बात कही गई है। ऐसे में तीन दिनों के दौरान बाजार में दूध की उपलब्धता प्रभावित होने की संभावना है।

सप्लाई करने पर ₹51 हजार जुर्माने का ऐलान

दूध बंद अभियान को प्रभावी बनाने के लिए सख्त नियम भी तय किया गया है। इसके तहत अभियान के दौरान दूध की सप्लाई या बिक्री करते पकड़े जाने पर ₹51 हजार का जुर्माना लगाने का फैसला लिया गया है। यानी आंदोलन में शामिल पशुपालकों को तय अवधि में दूध बाजार तक पहुंचाने से रोकने के लिए आर्थिक दंड का प्रावधान रखा गया है।

अब देखना होगा कि तीन दिन तक चलने वाले इस अभियान का स्थानीय बाजारों और उपभोक्ताओं पर कितना असर पड़ता है। वहीं, पशुपालकों की मुख्य मांग दूध के खरीद भाव में बढ़ोतरी को लेकर है और इसी मुद्दे पर उन्होंने सप्लाई रोकने का कदम उठाया है।

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